क्या ओमिक्रॉन का XE वेरिएंट तेजी से फैलता है ?कुछ राज्यों में बढ़े मामले, बड़े सरकारी एक्सपर्ट ने ये बताया
नई दिल्ली, 11 अप्रैल: कुछ राज्यों में कोरोना के मामले पिछले हफ्ते बढ़ गए हैं। यह इसलिए चिंता की वजह बन रही है, क्योंकि ओमिक्रॉन वेरिएंट का एक्सई स्ट्रेन देश में दस्तक दिए जाने की रिपोर्ट हैं। दिल्ली से सटे गाजियाबाद के दो स्कूलों में भी पांच बच्चों के संक्रमित होने की जानकारी आ चुकी है। ऐसे में भारत सरकार के कोविड-19 टास्क फोर्स के चेयरमैन ने इस खतरे को लेकर बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने इस स्ट्रेन को लेकर कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है।

कुछ राज्यों में साप्ताहिक केस में भारी इजाफा
दिल्ली, हरियाणा और गुजरात जैसे राज्यों में कोरोना के साप्ताहिक मामलों में इजाफा हुआ है। दिल्ली-हरियाणा तो ऐसे राज्य हैं जहां सरकारी स्तर पर मास्क पहनने को लेकर जारी सख्तियों से राहत दी गई हैं। हालांकि, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में संक्रमण कम होने का सिलसिला बरकरार है। इस बीच दिल्ली-एनसीआर के इलाके में स्कूलों में संक्रमण के नए मामले आने से सनसनी अलग मची हुई है। गाजियाबाद के दो निजी स्कूलों में पांच बच्चों के संक्रमित पाए जाने के बाद सैनिटाइजेशन के लिए स्कूल बंद किए जाने की रिपोर्ट भी रिपोर्ट है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक पूरे देश में जहां कोविड के मामले रोजाना तेजी से घट रहे हैं, दिल्ली, हरियाणा और गुजरात में इसमें इजाफा दर्ज किया गया है। मसलन, दिल्ली में एक हफ्ते पहले की तुलना में 26 फीसदी केस बढ़े हैं तो पड़ोसी हरियाणा में यह बढ़ोतरी करीब 50 फीसदी है। गुजरात में तो साप्ताहिक केस में 89 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

गुजरात में एक्सई वेरिएंट के मरीज मिलने की रिपोर्ट
ये तथ्य इसलिए चिंता बढ़ा रही हैं, क्योंकि शनिवार को ही गुजरात में ओमिक्रॉन के सब-वेरिएंट एक्सई का मामला सामने आया है। यह ओमिक्रॉन के दो स्ट्रेन- बीए.1 और बीए.2 से मिलकर पैदा हुआ स्ट्रेन है। राज्य सरकार के अधिकारियों के मुताबिक 67 साल के बुजुर्ग में जिसमें यह स्ट्रेन मिला है, वह एक महीने पहले ही कोविड संक्रमित हुआ था। हालांकि, केंद्र सरकार ने अभी तक इस मामले की पुष्टि नहीं की है। इसी तरह एक मामला पिछले हफ्ते मुंबई में भी आया था।

'नहीं लगता कि बहुत तेजी से फैलता है'
एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना के बदलते स्वरूपों के प्रति जिस तरह से देश को आगाह किया है, वह चिंता बेवजह नहीं है। खासकर कोविड के ओमिक्रॉन वेरिएंट के एक्सई स्ट्रेन को लेकर अभी भी कई तरह की आशंकाएं और अस्पष्टता हैं। कोरोना का ओमिक्रॉन वेरिएंट अभी तक कई सब-वेरिएंट की वजह बन चुका है। अब इसके एक्सई सब-वेरिएंट को लेकर नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्यूनाइजेशन के प्रमुख डॉक्टर एनके अरोड़ा ने सोमवार को तसल्ली देते हुए कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, 'यह एक्स सीरीज जैसे कि एक्सई और दूसरी हैं.....घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि किसी से भी गंभीर बीमारी नहीं हो रही या इस समय भारत में जो आंकड़ें हैं, उससे यह नहीं लगता कि यह बहुत तेजी से फैलता है।' कोविड-19 टास्क फोर्स के चेयरमैन के हवाले से न्यूज एजेंसी एएनआई ने यह बताया है।

यूके में मिला सबसे पहला केस
कुछ दिनों पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा था कि एक्सई वेरिएंट का पहली बार 19 जनवरी को इंग्लैंड में पता चला है। तब से लेकर वहां इसके 600 केस कंफर्म हुए हैं। यह सब-वेरिएंट थाईलैंड और न्यूजीलैंड में भी पाया जा चुका है। अभी तक ओमिक्रॉन के एक्सई स्ट्रेन के बारे में ऐसा कोई भी वैज्ञानिक साक्ष्य उपलब्ध नहीं है, जिससे इसे ओमिक्रॉन के बाकी स्ट्रेन के मुकाबले ज्यादा गंभीर बीमारी का कारण माना जाए। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने यह भी कहा है कि इसकी संक्रामकता को समझने के लिए अभी और ज्यादा डेटा जुटाने की आवश्यकता है। हालांकि, यूके की कुछ रिपोर्ट में इसे ओमिक्रॉन के बीए.2 सब-वेरिएंट के मुकाबले 10% ज्यादा संक्रमाक बताया गया है।

एक्सई वेरिएंट के लक्षण क्या हैं ?
एक्सई वेरिएंट के लक्षण कुछ में हल्के और कुछ में गंभीर दिखाई पड़ सकते हैं, यह संक्रमित होने वाले व्यक्ति के स्वास्थ्य की स्थितियों पर भी निर्भर कर सकता है। लक्षण और गंभीरता व्यक्ति की वैक्सीनेशन की स्थिति या पहले से संक्रमित हुए होने पर भी निर्भर कर सकता है। कुछ लक्षणों जिन पर गौर करना जरूरी है, वे हैं- बुखार, गले में खराश, खांसी और सर्दी। इसके अलावा त्वचा में जलन और धब्बा पाचन तंत्र से संबंधी दिक्कतें देखने को मिल सकती हैं।












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