तो अब बार्बी डॉल को होगा पीरियड, उसके हाथ में भी होंगे पैड?

नई दिल्ली। हम में से शायद ही कोई होगा जिसे बार्बी डॉल के बारे में पता नहीं होगा, भले ही किसी ने बचपन में बॉर्बी डॉल के साथ खेला हो या ना खेला हो लेकिन उसे पता जरूर होगा कि बार्बी कौन है?

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बार्बी बेहद ही खूबसूरत गुड़िया है जिसके पास स्टाइलिश कपड़े और जूते होते हैं और इसलिए हर लड़की की तमन्ना होती है कि बार्बी की तरह वो भी सुंदर और स्मार्ट बन जाये। वक्त ने हमारी खूबसूरत बार्बी को काफी बदल दिया है। बार्बी के पास बड़ा सा वार्डरोब और एसेसीरीज तो पहले से ही थी लेकिन अब मार्कैट में जो बार्बी आयी है, वो थोड़ी बड़ी हो गई है क्योंकि अब उसके पास 'पीरयड किट' भी है जिसमें बहुत सारे खूबसूरत पैड हैं। हालांकि अभी यह बड़ी वाली बार्बी अमेरिका में ही है, विश्व के और देशों में अभी उसे पहुंचने में थोड़ा वक्त है।

बार्बी को अब आयेगा पीरियड?

बार्बी का निर्माण करने वाली रशियन मूल की अमेरिकन लेडी निकोलेय का कहना है कि वो ही अब बार्बी के लिए पैड डिजाइन कर रही हैं और उन्होंने ही बार्बी के 'पीरयड पार्टी एसीसीरीज' को रिलीज किया है ताकि लड़कियों को अपनी बॉडी की सबसे महत्वपूर्ण चीज 'मासिक धर्म' के बारे में पता चले।

बच्चियों के मन में पीरियड्स को लेकर काफी गलत चीजें

लड़कियों को आजकल 9-12 साल के बीच में मासिक शुरू हो जाता है, यह उम्र इतनी छोटी होती है कि बच्चियों को इस बारे में जानने में बहुत असुविधा होती है जिसके कारण बच्चियों के मन में पीरियड्स को लेकर काफी गलत चीजें घर कर जाती हैं, उन्हें रक्तस्त्राव के दौरान होने वाले असहनिय दर्द को लेकर खौफ हो जाता है, इसलिए मैंने मेंसुरेशन साइकल के प्रति उन्हें जागरूक करने के लिए यह किट बनायी है।

क्या है 'पीरियड किट' में?

इस किट में बहुत सारे रंगीन पैड है, पैंटी है, एक कलेंडर है और साफ नैफकिन हैं। कैलेंडर इसलिए कि ताकि बार्बी तो अपनी मासिक की डेट याद रहे। पैड्स इसलिए ताकि उसे पता रहे कि इस दौरान पैड का प्रयोग करते हैं और वो अगर कलरफूल होंगे तो वो उन्हें अपने ड्रेस की तरह ट्रीट करेगी, पैंटी इसलिए कि इस दौरान उसे यह पहनना काफी जरूरी है और रूमाल इसलिए ताकि उसे पता रहे पीरियड के दौरान स्वच्छता का काफी ख्याल रखा जाता है।

भारत में असर

बार्बी का अच्छी -खासी मार्केट भारत में भी है, हालांकि इसे खरीदने वाले लोग भारत के उच्च मध्यमवर्गीय लोग हैं, क्योंकि आम तौर पर बार्बी डॉल की कीमत काफी ज्यादा होती है। लेकिन फिर भी हाईहर मिडिल क्लास के लोग भी अपने बच्चों को मासिक धर्म के बारे में पहले से बताने में हिचकिचाते हैं। आज भी इस टॉपिक पर पापा अपनी बेटियों से बातें नहीं करते हैं, ऐसे में 'पीरियड किट' को कैसे कोई भारतीय पिता अपनी बेटी को खरीद कर देगा, यह एक बड़ा सवाल है।

ड़ॉल से खेलने वाली बच्चियां बहुत ज्यादा नासमझ और मासूम

बहुत सारी भारतीय महिलाओं ने कहा कि ड़ॉल से खेलने वाली बच्चियां बहुत ज्यादा नासमझ और मासूम होती हैं, ऐसे में वक्त से पहले उन्हें पीरियड के बारे में समझाना गलत है इसलिए बार्बी को अभी बड़ा नहीं होना चाहिए।

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