'बेरोजगार युवाओं की 'अग्निपरीक्षा' मत लीजिए प्रधानमंत्री जी', अग्निपथ योजना को लेकर बोले राहुल गांधी
नई दिल्ली, 16 मई। थल सेना, नौसेना और वायुसेना में सैनिकों की भर्ती के लिए नई 'अग्निपथ' योजना लागू की गई है। इसको लेकर राहुल गांधी ने अपने ट्विट में लिखा 'न कोई रैंक, न कोई पेंशन, न 2 साल से कोई सीधी भर्ती, न 4 साल के बाद स्थिर भविष्य, न सरकार का सेना के प्रति सम्मान। देश के बेरोजगार युवाओं की आवाज़ सुनिए, इन्हें 'अग्निपथ' पर चला कर इनके संयम की 'अग्निपरीक्षा' मत लीजिए, प्रधानमंत्री जी।' कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार को बेरोजगार युवाओं की आवाज सुननी चाहिए और उनके संयम की अग्निपरीक्षा नहीं लेनी चाहिए।

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने थल सेना, नौसेना और वायुसेना में सैनिकों की भर्ती के लिए केंद्र सरकार की नयी 'अग्निपथ' योजना को लेकर बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए एक ट्वीट किया। जिसमें उन्होंने लिखा 'न कोई रैंक, न कोई पेंशन, न 2 साल से कोई सीधी भर्ती, न 4 साल के बाद स्थिर भविष्य, न सरकार का सेना के प्रति सम्मान। देश के बेरोज़गार युवाओं की आवाज सुनिए, इन्हें 'अग्निपथ' पर चला कर इनके संयम की 'अग्निपरीक्षा' मत लीजिए, प्रधानमंत्री जी।'
दरअसल, केंद्र सरकार ने दशकों पुरानी रक्षा भर्ती प्रक्रिया में कुछ बदलाव के साथ तीनों सेनाओं में सैनिकों की भर्ती संबंधी योजना 'अग्निपथ' को मंगलवार को घोषणा कर दी थी। इसके तहत सैनिकों की भर्ती चार साल की अवधि के लिए संविदा पर की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत तीनों सेनाओं में करीब 46,000 सैनिक भर्ती किए जाएंगे। अग्निपथ योजना के तहत चयन के लिए अभ्यर्थियों की उम्र साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष के बीच होगी। इस योजना के तहत भर्ती किए जाने वाले युवओं को 'अग्निवीर' नाम दिया जाएगा।
अग्निपथ योजना का विरोध
अग्निपथ योजना का बिहार और राजस्थान में विरोध शुरु हो गया है। राजनीतिक दलों की भी भी इस प्रतिक्रिया सामने आ रही है। राजस्थान और बिहार में कुछ जगहों पर सड़कों पर उतरकर युवाओं ने इसका विरोध किया। कई जगहों पर हाईवे जाम करने की भी खबर है।












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