उद्धव ठाकरे ने दी चेतावनी, रोज़ेदार को जबरन रोटी खिलाने की घटना को सांप्रदायिक रंग न दें

इस मुद्दे को ज्यादा तवज्जो न देते हुए उद्धव ने कहा कि यह मामूली घटना है और इसे सांप्रदायिक रंग देने की जरूरत नहीं है। औरंगाबाद में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए बुधवार सुबह उद्धव ने कहा कि हमारा एजेंडा हिंदुत्व हो सकता है, लेकिन हम किसी भी समुदाय की धार्मिक भावना के साथ नहीं खेलेंगे। ठाकरे ने इस घटना से ही इंकार किया, जो 17 जुलाई को हुई बताई जा रही है।
आरोप है कि शिवसेना के ठाणे से सांसद रंजन विचारे ने खराब भोजन की शिकायत करते हुए महाराष्ट्र सदन के कैंटीन कर्मचारी अशरफ जुबैर को कथित रूप से जबरन रोटी खिलाई थी। जुबैर रमजान के दौरान रोजे पर था और ऐसा दावा किया गया है कि विचारे के इस कृत्य से उसका रोजा टूट गया। इस मुद्दे ने विवाद का रूप ले लिया, जिसका असर बुधवार को संसद की कार्यवाही में भी देखा गया।
ऐसा कहा जा रहा है कि विचारे महाराष्ट्र सदन में मराठी व्यंजन न मिलने से नाराज थे, जहां कैंटीन का प्रबंधन आईआरसीटीसी देखता है। खराब भोजन की शिकायत करते हुए विचारे ने पूरा दोष जुबैर पर मढ़ दिया और उसे जबरन रोटी खिलाई। इसके बाद कैंटीन प्रबंधक शंकर मल्होत्रा ने इस मामले को दिल्ली के महाराष्ट्र रेसिडेंट आयुक्त बिपिन मलिक के सामने उठाया। इधर, विचारे ने खुद पर लगे आरोपों से इंकार करते हुए कहा कि उनकी शिकायत सिर्फ महाराष्ट्र सदन के खराब प्रबंधन को लेकर थी।












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