'राम हमारे दुश्मन हैं', DMK नेता ए राजा ने दिया विवादित बयान, भड़की भाजपा
A Raja controversy comments on Ram, तमिलनाडु में डीएमके नेता ए. राजा के एक बयान पर भारी विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने मंगलवार को डीएमके नेता ए राजा की आलोचना की और आरोप लगाया कि डीएमके नेता ने "भारत के विभाजन का आह्वान किया था और भगवान राम का मजाक उड़ाया था।
बीजेपी का आरोप है कि, ए राजा ने भारत देश के साथ ही भगवान राम और हनुमान जी को लेकर आपत्तिजनक बातें कही हैं। रविशंकर प्रसाद ने ए राजा के इस बयान को लेकर कहा कि ये माओवादी सोच है। इस तरह की बयानबाजी करना इंडी गठबंधन का पॉलिटिकल एजेंडा बन गया है।

बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने ट्वीट कर लिखा कि, द्रमुक के गुट से नफरत फैलाने वाले भाषण लगातार दिए जा रहे हैं। उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म को नष्ट करने के आह्वान के बाद, अब एक राजा की ओर से भारत के विभाजन का आह्वान किया गया है। उन्होंने भगवान राम का उपहास किया है, मणिपुरियों पर अपमानजनक टिप्पणियां की हैं और एक राष्ट्र के रूप में भारत के विचार पर सवाल खड़े किए हैं।
बता दें कि, डीएमके नेता ए राजा के वायरल हो रहे वीडियो में वह यह कहते हुए दिख रहे हैं कि, अगर आप कहेंगे कि ये आपके ईश्वर हैं और भारत माता की जय तो हम उस ईश्वर और भारत माता को कभी स्वीकार नहीं करेंगे। कह दो इनको, हम सब राम के शत्रु हैं। उन्होंने कहा कि मुझे रामायण और भगवान राम पर विश्वास नहीं है। ए राजा ने भगवान हनुमान की तुलना बंदर से करते हुए 'जय श्री राम' के नारे को घृणास्पद बताया।
इसके अलावा ए राजा ने आगे कहा कि, भारत देश नहीं, बल्कि एक उपमहाद्वीप है। यहां कई परंपराएं और संस्कृति हैं। तमिलनाडु में एक भाषा-एक संस्कृति हैं। यह एक देश है। मलयालम एक भाषा है, एक राष्ट्र है और एक देश है। इसी तरह ओडिशा, केरल, दिल्ली हैं। ये सारे देश मिलकर भारत को बनाते हैं। इसलिए भारत एक देश नहीं, बल्कि एक उपमहाद्वीप है।
ए राजा के बयान पर बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, यह साफ है कि भारत के लोकाचार का अपमान करना, सार्वजनिक रूप से हिंदू देवताओं को अपमानित करना और भारत के विचार पर सवाल उठाना इंडिया गठबंधन के राजनीतिक एजेंडे की पहचान बन गया है। क्या कांग्रेस अपने राजनीतिक लाभ के लिए इतना नीचे गिरने को तैयार है ऐसी टिप्पणियाँ स्वीकार करें?
रविशंकर ने आगे कहा कि, ये माओवादी विचारधारा है। ये वही है जो 2जी घोटाले का बड़ा आरोपी हैं। कांग्रेस से पूछना चाहूंगा कि आप इसको सही मानते हैं? क्या DMK को किसी दूसरे समुदाय के धर्म को लेकर ऐसा कहने का अधिकार है? वे ऐसा बोल पाएंगे क्या? हम सभी धर्म का सम्मान करते हैं। कृपया हिंदू आस्था को इस प्रकार लज्जित न करें। वहीं आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने ए राजा के इस बयान को उनका व्यक्तिगत बयान कहा है।












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