दिल्ली में खड़गे से डीके शिवकुमार बोले- मुझे कर्नाटक का सीएम बनाएं, नहीं तो मैं केवल विधायक ही ठीक हूं- सूत्र
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार दिल्ली में डीके शिवकुमार ने खड़गे से कहा, मुझे कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनाएं या विधायक बने रहेंगे ।

कर्नाटक का मुख्यमंत्री कांग्रेस किसे बनाएगी, इसको लेकर फैसला कल बुधवार तक आने की बात कही जा रही थी, लेकिन अब इसमें अभी एक और पेंच फंसता नजर आ रहा है। दरअसल, कांगेस प्रदेश अध्यक्ष मल्लिार्जुन खड़गे के बुलावे पर दिल्ली पहुंचे डीके शिवकुमार ने उनसे ऐसी बात कह दी है जिससे मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा के लिए कर्नाटक की जनता को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।
या रहे कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख डीके शिवकुमा जो कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनने की रेस में शामिल हैं उन्होंने दिल्ली में खड़गे से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, शिवकुमार ने खड़गे के अगले सीएम बनने की इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने 2019 में उनकी सरकार गिरने के बाद राज्य में पार्टी के पुनर्निर्माण में मदद की।
खड़गे से शिवकुमार ने कहा सिद्धारमैया को पहले ही सीएम बनने का मौका दिया जा चुका है और अब उनकी बारी है। इसक साथ ही डी के शिवकुमार ने कहा अगर उन्हें सीएम की कुर्सी नही दी जाती है तो वह पार्टी में विधायक के रूप में ही काम करना पसंद करेंगे।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों ने ये भी बताया कि डीके ने इस मुलाकात के दौरान डीके ने कहा सिद्धारमैया का कार्यकाल एक "कुशासन" था और कर्नाटक में एक प्रमुख समुदाय लिंगायत पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ थे।
पार्टी सूत्रों ने ये भी बताया कि सोनिया गांधी, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने कर्नाटक के मुख्मयंत्री के लिए गुप्त मतदान करवाया है। कांग्रेस के अंदर हुए इस गुप्त मतदान के परिणाम पर चर्चा करने के बाद कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री पर फैसला करेंगे।
बता दें इस समय सोनिया गांधी शिमला में है। मुख्यमंत्री के चुनाव के लिए को कर्नाटक के तीनों पर्यवेक्षकों को विधायकों का मूड जानने के लिए खड़गे ने जिम्मेदारी सौंपी थी अपनी रिपोर्ट सौंपी और जिसके बाद दिल्ली में कांग्रेस के नेताओं ने पांच घंंटेतक बैठक की और इस पर वार्ता की।
बता दें कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांगेस ने 135 सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं भाजपा ने महज 66 सीटों पर जीत हासिल कर रही है। वहीं कर्नाटक में एक बार किंगमेकर का सपना देख रही कुमारस्वामी की पार्टी महज 19 सीटों पर ही सिमट कर रह गई है।
कर्नाटक में 224 सीटें हैं और बहुमत की सरकार बनाने के लिए 113 सीटों पर जीत जरूरी थी, वहीं इस चुनाव में कांग्रेस ने इससे कही अधिक 135 सीट पर जीत हासिल कर ली है।












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