Diwali पहली बार मनाएगा भारत का ये गांव, आजादी के 75 साल बाद मिटेगा अंधियारा

Diwali पहली बार मनाएगा उत्तर प्रदेश का एक गांव। आजादी के 75 साल बाद मिटेगा अंधियारा। 75 साल से बिजली की आस लगाए गांव में बिजली पहुंच गई है। diwali first time in tulai ka nagla etah uttar pradesh

Diwali प्रकाश पर्व के रूप में भी जाना जाता है। चारों दिशाओं में दीपमाला और जगमग प्रकाश फैलता है। उत्तर प्रदेश के एटा में तुलाई का नगला गांव आजादी के 15 साल बाद पहली बार बिजली से रोशन होगा। रिपोर्ट के मुताबिक आजादी के बाद से 2022 की दीवाली तक इस गांव में अंधियारा पसरा हुआ था। अब 75 साल से बिजली की आस लगाए गांव में बिजली पहुंच गई है। ऐसे में Tulai Ka Nagla आजादी के बाद पहली बार दीपावली में बिजली से रोशन होगा।

आजादी के 75 साल बाद भी बिजली नसीब नहीं हुई

आजादी के 75 साल बाद भी बिजली नसीब नहीं हुई

उत्तर प्रदेश के एटा जिले में सुदूरवर्ती गांव तुलाई का नगला भारत की आजादी के बाद पिछले 75 सालों से अंधेरे में था। अब आखिरकार तुलाई का नगला गांव में विद्युतीकृत हो गया है। बिजली विभाग ने ट्रांसमिशन पोल और सप्लाई लाइन बिछा दी है। गांव में समर्पित ट्रांसफॉर्मर लगाया गया है।

100 साल के ग्रामीण के चेहरे पर खुशी

100 साल के ग्रामीण के चेहरे पर खुशी

हर साल "अंधेरे में दिवाली" मनाने वाले ग्रामीणों की दशकों पुरानी दुर्दशा पर प्रकाश डाला गया है। ग्रामीणों ने रविवार को अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें फिर कभी 'काली दिवाली' नहीं देखनी पड़ेगी। गांव के निवासी राजाराम लगभग 100 साल के होने का दावा करते हैं। बिजली की रोशनी में दीवाली की खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा, "यह अविश्वसनीय है ... पहली बार गांव की सड़कों को रोशन करना कमाल का काम है।"

फिर कभी 'काली दिवाली' नहीं

फिर कभी 'काली दिवाली' नहीं

राजाराम ने कहा, "अब, हमारे पास अपनी खुशी व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं। Diwali 2022 हमारे लिए खुशियों से भरी होगी। मुझे खुशी है कि मैं अपने जीवन में Tulai Ka Nagla गांव को रोशनी से जगमग देख पाया।" उन्होंने कहा कि गांव के लोग पिछले कई दशकों से, जनप्रतिनिधियों और बिजली विभाग के अधिकारियों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। साल बीतते गए और सरकारें भी बदलीं लेकिन, तुलाई का नगला अंधेरे में ही रहा।

विधायक कोष से मिले 9.9 लाख रुपये

विधायक कोष से मिले 9.9 लाख रुपये

मीडिया रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए तत्कालीन बिजली मंत्री श्रीकांत शर्मा ने अधिकारियों को गांव में बिजली सप्लाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। बाद में विधानसभा चुनाव नतीजों की घोषणा होने के बाद अलीगंज के स्थानीय विधायक सत्यपाल सिंह ने बिजली आपूर्ति के लिए बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए 9.9 लाख रुपये दिए।

लंबे समय तक अंधेरे में रहा गांव

लंबे समय तक अंधेरे में रहा गांव

Diwali 2022 बिजली की रोशनी में होने की खुशी जाहिर करते हुए अलीगंज विधायक सत्यपाल ने रविवार को कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण था कि तुलाई का नगला गांव इतने लंबे समय तक अंधेरे में रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युतीकरण नहीं हुआ। बिजली विभाग के सर्वेक्षण से ये जगह छूट गई। पिछले साल ग्रामीणों की दुर्दशा के बारे में पता चला।"

दीवाली खुशियों की रोशनी लेकर आई

दीवाली खुशियों की रोशनी लेकर आई

सत्यपाल सिंह ने कहा, दोबारा विधायक निर्वाचित होने के बाद, वादे के मुताबिक नियमित बिजली आपूर्ति के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे को विकसित करने की शुरुआत हुई। विधायक-एलएडी फंड का उपयोग करने का प्रस्ताव रखने के बाद आखिरकार, काम पूरा हुआ और इस पार Diwali Tulai Ka Nagla गांव के लिए खुशियों की रोशनी लेकर आई है।

गांव में अलग ट्रांसफॉर्मर, 350 मीटर लंबी बिजली आपूर्ति लाइन

गांव में अलग ट्रांसफॉर्मर, 350 मीटर लंबी बिजली आपूर्ति लाइन

टाइम्स ऑफ इंडिया (टीओआई) की रिपोर्ट विद्युत विभाग के अनुविभागीय अधिकारी सोनू कुमार ने रविवार को कहा, "63 केवीए क्षमता का एक समर्पित ट्रांसफॉर्मर और 22 बिजली पारेषण पोल स्थापित किए गए हैं। विद्युतीकरण के लिए 350 मीटर लंबी बिजली आपूर्ति लाइन बिछाई गई है। परीक्षण के बाद विधायक सत्यपाल सिंह ने दीपावली से दो दिन पहले शनिवार को Tulai ka Nagla गांव में बिजली सुविधा का औपचारिक उद्घाटन किया।

दो किलोमीटर दूर था पहला बिजली कनेक्शन

दो किलोमीटर दूर था पहला बिजली कनेक्शन

रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश के अलीगंज अनुमंडल में आने वाला तुलाई का नगला गांव की आबादी करीब 300 है। इस गांव में करीब 30 घर बिना बिजली के बल्ब वाले हैं। यहं के निवासियों को अपने मोबाइल फोन चार्ज करने जैसे बुनियादी काम करने के लिए भी 2 किलोमीटर की दूरी पर पड़ोसी गांव राजा का रामपुर जाना पड़ता था। छात्र शाम को पढ़ाई के लिए मोमबत्तियों का इस्तेमाल करते था। हालांकि, अब बिजली सप्लाई शुरू होने के बाद सब कुछ बदल जाएगा।

पलायन करने वाले लोग लौटेंगे

पलायन करने वाले लोग लौटेंगे

Tulai ka Nagla गांव की निवासी, 45 वर्षीय रंजना शाक्य, 2021 में प्रकाशित टीओआई की एक रिपोर्ट को याद करती हैं। उन्होंने कहा, "हमें इस दीवाली पर अपना सबसे बड़ा उपहार मिला है। सूर्यास्त के बाद, अब हमें सिर्फ मोमबत्तियों, दीयों पर निर्भर नहीं रहना होगा। अब घर पर मशाल की रोशनी नहीं जलानी होगी। बिजली आने की खुशी में उन्होंने कहा, अब वे एक टीवी सेट खरीदने की योजना बना रहे हैं। जो लोग काम और पैसे कमाने की तलाश में पलायन कर गए ऐसे लोग भी वापस लौटने के बारे में विचार करने लगे हैं। Diwali 2022 न केवल हमारे गांव में, बल्कि हमारे जीवन में भी रोशनी लाई है।

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