वोटर डाटा चोरी केस: सेवा मित्र ऐप (Sevamitra app) पर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के बीच विवाद गहराया
नई दिल्ली- आंध्र प्रदेश में कथित वोटर डाटा चोरी के मामले में संदिग्ध आईटी कंपनी पर आयकर के छापे से राजनीतिक विवाद गहरा गया है। टीडीपी ने आरोप लगाया है कि ये सब नरेंद्र मोदी, के चंद्रशेखर राव और जगनमोहन रेड्डी की मिली भगत से किया जा रहा है। गौरतलब है कि टीडीपी के लिए सेवामित्र ऐप (Sevamitra app)बनाने वाली कंपनी पर वोटर डाटा के दुरुपयोग का आरोप है।
टीडीपी ने क्या आरोप लगाया है?
टीडीपी ने कहा है कि सेवामित्र ऐप (Sevamitra app)बनाने वाली कंपनी पर पड़े आयकर विभाग के छापे आधारहीन और गलत नीयत से डाले गए हैं। पार्टी नेता लंका दिनाकर ने ट्वीट किया है कि, "यह आधारहीन और गलत इरादे से किया गया है और यह मोदी जी, केसीआर का अलोकतांत्रिक तरीका है, जिसमें जगनमोहन रेड्डी की इच्छा भी शामिल है। "

आंध्र प्रदेश बनाम तेलंगाना का विवाद बना
लाइव मिंट की खबर के अनुसार टीडीपी के लिए वोटर डाटा के गलत इस्तेमाल का मामला अब आंध्र प्रदेश और तेलंगाना पुलिस के बीच के विवाद का मामला बन गया है। शनिवार रात को आंध्र प्रदेश के करीब एक दर्जन पुलिसकर्मी हैदराबाद स्थित आईटी ग्रिड प्राइवेट लिमिटेड के दफ्तर में पहुंचे, तो तेलंगाना पुलिस ने उन्हें घुसने नहीं दिया। इसी कंपनी ने सेवामित्र ऐप (Sevamitra app) बनाया है, जिसका इस्तेमाल टीडीपी ने चुनाव अभियान में किया था। साइबराबाद पुलिस कमिश्नर वी सी सज्जनार ने भी तेलंगाना की ओर से एफआईआर दर्ज किए जाने की पुष्टि करते हुए कहा है कि अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस डाटा की पड़ताल कर रही है।

क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला लोकेश्वरा रेड्डी की आईटी ग्रिड कंपनी के खिलाफ दर्ज शिकायत पर आधारित है। इसमें आंध्र प्रदेश के वोटर प्रोफाइलिंग के लिए लाभार्थियों का डाटा चुराए जाने का आरोप है।
गौरतलब है कि इसी कंपनी ने आंध्र प्रदेश की सत्ताधारी टीडीपी के लिए सेवामित्र ऐप (Sevamitra app) तैयार किया है, जिसमें कथित तौर पर उस डाटा के इस्तेमाल का आरोप है।
इसपर टीडीपी का आरोप है कि तेलंगाना की सत्ताधारी पार्टी यह सब वाईएसआर कांग्रेस पार्टी से प्रभावित होकर कर रही है, ताकि आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों को प्रभावित किया जा सके।












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