मिलिंद देवड़ा के इस्तीफे से बेहद निराश हैं उर्मिला मातोंडकर, जानिए कहा क्या
नई दिल्ली- अभिनेत्री से कांग्रेस नेता बनीं उर्मिला मातोंडकर मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष पद से मिलिंद देवड़ा के इस्तीफे से बेहद निराश हुई हैं। देवड़ा ने रविवार को ही लोकसभा चुनाव में हार की जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। मातोंडकर ने देवड़ा को मुंबई कांग्रेस के लिए एक 'उम्मीद की किरण' बताते हुए कहा है कि पार्टी के पास विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए समय बहुत ही कम बचे हैं।
'उम्मीद की किरण' थे देवड़ा- उर्मिला मातोंडकर
लगता है कि बॉलीवुड की अभिनेत्री से कांग्रेस की नेता बनीं उर्मिला मातोंडकर लोकसभा चुनावों में पार्टी को मिली करारी हार की मार से बाहर निकलकर अब विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जोर लगाना चाहती हैं। उन्होंने एक तरह से चेतावनी भरे लहजे में पार्टी को आगाह किया है कि जमीनी स्तर पर काम करने के लिए अब बहुत ही कम समय बचा है। इसी चलते उन्होंने मिलिंद देवड़ा के अध्यक्ष पद से इस्तीफे पर निराशा जताते हुए उन्हें 'उम्मीद की किरण' करार दिया है। मातोंडकर ने ट्विटर पर लिखा है, "मिलिंद देवड़ा के इस्तीफे से निराशा हुई है, जो मुंबई कांग्रेस के लिए 'उम्मीद की किरण' थे और बेहतर भविष्य के लिए बदलाव होने जा रहे थे। हमें बहुत कुछ करना है और बहुत ही कम समय में।" इस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस एकबार फिर से मुंबई की पांचों लोकसभा सीट पर हार गई थी और मातोंडकर ने भी मुंबई नॉर्थ सीट पर अपना पहला ही चुनाव बीजेपी के हाथों गंवा दिया था।

देवड़ा ने दिया है इस्तीफा
मिलिंद देवड़ा ने रविवार को ये कहकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था कि वे राष्ट्रीय राजनीति में पार्टी को स्थिर करने में मदद करने वाले का रोल निभाना चाहते हैं। देवड़ा ने अपना इस्तीफा कांग्रेस वर्किंग कमिटी की होने वाली निर्णायक बैठक से ठीक पहले दिया है। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने औपचारिक तौर पर अपना इस्तीफा सार्वजनिक कर दिया था।देवड़ा ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा है कि उन्होंने राहुल के साथ एकजुटता दिखाने के लिए इस्तीफा दिया। उन्होंने ये भी कहा कि लोकसभा चुनाव से मुश्किल से महीने भर पहले उन्हें जिम्मेदारी मिली थी, उनके पास संगठन को पहुंचाए गए नुकसान की भरपाई के लिए बेहद कम वक्त था। फिर भी 26 जून को राहुल गांधी से मुलाकात के बाद उन्होंने सोचा कि सामूहिक जिम्मेदारी के तहत उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।

इस्तीफे के बाद से निरुपम के निशाने पर हैं देवड़ा
मिलिंद देवड़ा ने मुंबई में कांग्रेस की जिस दयनीय हालात का जिक्र किया था, शायद उसी के चलते संजय निरुपम ने दो दिनों से उनके खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। दरअसल, निरुपम को लगता है कि देवड़ा पार्टी की हार का ठीकरा इशारों में सही उन्हीं पर थोपने की कोशिश कर रहे हैं। क्योंकि, देवड़ा से पहले निरुपम ही मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। निरुपम ने रविवार को उनके इस्तीफे को बिना नाम लिए त्याग की भावना के विपरीत बताया था और सोमवार को उनके राष्ट्रीय राजनीति में आने की मंशा को लेकर कटाक्ष किया है।












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