भागवत से दिग्विजय का सवाल- अगर हिंदू-मुस्लिम का DNA एक, तो लव जिहाद कानून की क्या जरूरत?

नई दिल्ली, 8 जुलाई: अगले साल यूपी, उत्तराखंड, पंजाब समेत कई राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने है। इसी बीच राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने गंगा-जमुनी तहजीब का मुद्दा उठा दिया। साथ ही हिंदू-मुस्लिम के डीएनए को एक बता दिया। इसके बाद से देशभर की राजनीति गरमाई हुई है। साथ ही अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भागवत पर हमला बोला और उनसे डीएनए को लेकर कई सवाल किए।

Recommended Video

    RSS Chief Mohan Bhagwat के बयान पर Digvijay Singh ने कसा तंज, कही ये बात | वनइंडिया हिंदी
    Mohan Bhagwat

    मध्य प्रदेश के सीहोर में मीडिया से बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगर हिंदुओं और मुसलमानों का डीएनए एक ही है, तो धर्म परिवर्तन के खिलाफ कानून का क्या फायदा? 'लव जिहाद' के खिलाफ कानून का क्या फायदा? तो इसका मतलब है कि मोहन भागवत और ओवैसी का डीएनए एक ही है। इसके बाद उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया को केंद्रीय मंत्री बनने पर बधाई दी। साथ ही कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में कौन आएगा कौन जाएगा ये पीएम तय करते हैं। ऐसे में वो इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।

    क्या था पूरा बयान?
    आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने डॉ. ख्वाजा इफ्तिखार अहमद की लिखित पुस्तक 'द मीटिंग्स ऑफ माइंड्स: ए ब्रिजिंग इनिशिएटिव' के विमोचन के अवसर पर कहा कि ये सिद्ध हो चुका है कि हम पिछले 40,000 वर्षों से एक ही पूर्वजों के वंशज हैं। भारत के लोगों का डीएनए एक जैसा है। हिंदू और मुसलमान दो समूह नहीं हैं। एकजुट होने के लिए कुछ भी नहीं है, वे पहले से ही एक साथ हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू-मुस्लिम एकता भ्रामक है, क्योंकि वे अलग नहीं बल्कि एक हैं। पूजा के तरीके के आधार पर लोगों में अंतर नहीं किया जा सकता है।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+