नहीं दी गई फोन टैपिंग की अनुमति, राजस्थान सरकार ने गृह मंत्रालय को दी जानकारी
जयपुर। राजस्थान के मुख्य सचिव ने गृह मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट में फोन-टैपिंग की किसी भी मंजूरी से इनकार कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार ने रिपोर्ट में कहा है कि फोन टैपिंग में नियमों का पालन किया गया है। राज्य के गृह सचिव की अनुमति के बाद ही टेलीफोन टैपिंग की गई। साथ ही, किसी भी राजनीतिक व्यक्ति का फोन टैप नहीं किया गया है। शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य के मुख्य सचिव से टेलीफोन टैपिंग को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी।

फोन टेपिंग को लेकर उठे थे सवाल
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उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मसले पर राज्य सरकार से 10 से ज्यादा बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। विधायकों की खरीद-फरोख्त को लेकर ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद राज्य सरकार पर फोन टेपिंग को लेकर सवाल उठने लगे थे। इसके बाद गृह मंत्रालय ने मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
नोटिस में कहा गया था कि मंत्रालय को शिकायत मिली है कि संजय जैन की फोन टेपिंग नियमों के खिलाफ हुई है। यह भी पूछा था कि फोन टेपिंग किन नियमों के तहत की गई। जैन को इस ऑडियो मामले में दलाल माना गया और वह अभी गिरफ्तार है।
बीजेपी ने लगाया था आरोप
राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी ने अशोक गहलोत सरकार पर मंत्री और विधायकों के फोन टेप करने का आरोप लगाया था। नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि सरकार फोन टेप करके निजता का उल्लंघन कर रही है। नेता प्रतिपक्ष ने पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी।












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