Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Air Pollution increasing Diabetes: वायु प्रदूषण से बढ़ रहे हैं डायबिटीज के मरीज, डरा रही है नई स्टडी

Air pollution increasing Diabetes? दिवाली से पहले ही दिल्ली गंभीर वायु प्रदूषण से जूझ रहा है। आज भी यहां का AQI 390 के ऊपर था, जो कि बेहद ही गंभीर श्रेणी में आता है इसलिए वैज्ञानिकों और दिल्लीवासियों की चिंता काफी बढ़ गई है।

Air pollution increasing diabetes?

केवल दिल्ली ही नहीं मुंबई, चेन्नई जैसे कई बड़े शहर इन दिनों वायु प्रदूषण से जूझ रहे हैं इसी बीच एक ताजा स्टडी ने लोगों की परेशानी को बढ़ा दिया है।

पॉल्‍यूशन और डायबिटीज के बीच बहुत ही गहरा संबंध

BMJ ओपन डायबिटीज रिसर्च एंड केयर जर्नल में प्रकाशित एक रिसर्च में दावा किया गया है कि वायु प्रदूषण की वजह से मधुमेह रोगियों में इजाफा हो रहा है क्योंकि एयर पॉल्‍यूशन और डायबिटीज के बीच बहुत ही गहरा संबंध है। इस शोध में कहा गया है कि प्रदूषित हवा में सांस लेने से इंसान में से टाइप 2 डायबिटीज होने की आशंका है। अपने आप में ये पहला और अनोखा शोध है।

प्रदूषित हवा में PM 2.5 ज्यादा हो जाता है

स्टडी के मुताबिक प्रदूषित हवा में PM 2.5 ज्यादा हो जाता है और जब इस हवा में कोई सांस लेता है तो उसका ब्ल्ड शुगर लेवल काफी हाई हो जाते हैं, जिससे टाइप 2 डायबिटीज होने की संभावना बढ़ जाती है। रिपोर्ट में केवल मधुमेह की बात नहीं कही गई है बल्कि ये भी कहा है कि प्रदूषण दिल के लिए भी अच्छा नहीं होता है।

प्रदूषण वाले एरिया में लोगों के अंदर ब्लड शुगर लेवल ज्यादा

आपको बता दें कि यह अध्ययन 2010 और 2017 के बीच दिल्ली और चेन्नई में 12,000 पुरुषों और महिलाओं पर किया गया है। इस दौरान समय-समय पर इनका ब्लड शुगर लेवल चेक किया गया और उस दौरान Pollution लेवल चेक किया गया। जिसमें परिवर्तन नजर आया क्योंकि प्रदूषण वाले एरिया में लोगों के अंदर ब्लड शुगर लेवल ज्यादा था।

शोध में शामिल हैं ये लोग

वो लोग ज्यादा मधुमेह से त्रस्त थे, जिनका वजन अधिक था। इस स्टडी में पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया ,नई दिल्ली, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, एमोरी यूनिवर्सिटी, ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज और मद्रास डायबिटीज रिसर्च फाउंडेशन के शोधकर्ता शामिल थे।

13 करोड़ से ज्यादा लोग प्री-डायबिटिक

आपको बता दें कि इसी साल की जून में एक रिपोर्ट आई थी जिसमें कहा गया था कि भारत के 11 प्रतिशत लोग मधुमेह से पीड़ित हैं और 13 करोड़ से ज्यादा लोग प्री-डायबिटिक हैं। मधुमेह के सबसे ज्यादा मरीज चीन में हैं जबकि इंडिया दूसरे नंबर पर जबकि तीसरे स्थान पर अमेरिका आता है। हमारे देश में गांव से ज्यादा शहरों में मधुमेह के मरीज हैं।

डायबिटीज टाइप 1, 2, 3 में अंतर क्या है?

  • टाइप 1 डायबिटीज : इंसुलिन की कमी से मधुमेह रोग होता है। टाइप 1 में रोगी के शरीर का पैंक्रियाज बहुत कम या बिल्कुल भी इंसुलिन नहीं बनाता।
  • टाइप 2 डायबिटीज: इस स्टेज में रोगी के शरीर का पेंक्रियाज आवश्यकता के अनुसार इंसुलिन नहीं बनाता।
  • टाइप 3 डायबिटीज: यह स्टेज काफी रेयर है, टाइप 2 डायबिटीज का रोगी इलाज के दौरान अल्जाइमर की चपेट में आ जाता है और इसमें इंसान की याददाश्त खो जाती है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+