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Dhirendra Shastri News: 'हम मुस्लिम विरोधी नहीं, हिंदू एकता जरूरी', संत ने 'सिर तन से जुदा' पर कही ये बड़ी बात

Dhirendra Shastri News Update: बागेश्वर धाम के प्रमुख और हिंदू धर्म के प्रचारक पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने एक ताजा इंटरव्यू में हिंदू एकता, 'सर तन से जुदा' जैसे विवादित नारों, और सनातन धर्म की स्थिति पर खुलकर बात की। उन्होंने हिंदू धर्म को खतरे में बताते हुए गांव-गांव तक एकता की अलख जगाने की बात कही।

साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी धर्म के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। शास्त्री की दिल्ली से वृंदावन तक की 7-16 नवंबर की प्रस्तावित पदयात्रा और सनातन क्रिकेट लीग में उनकी भागीदारी भी चर्चा में रही। आइए, उनके प्रमुख बयानों पर नजर डालते हैं...

Dhirendra Shastri news

'हिंदू खतरे में, लेकिन हम मुस्लिम विरोधी नहीं'

ANI को दिए गए इंटरव्यू में धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri Interview) ने हिंदू धर्म की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा, 'हिंदू खतरे में है। आठ राज्यों में हिंदुओं की संख्या घट चुकी है। 90% से हम 80% के नीचे आ गए, जबकि दूसरा समुदाय 6% से 22% की ओर बढ़ रहा है।' उन्होंने कोशी कला (2012) में हिंदू महिलाओं के साथ कथित अत्याचार, नूह-मेवात में हिंसा, बिट्टू बजरंगी के भाई पर हमला, और रामचरितमानस को जलाने की घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'जम्मू-कश्मीर, पंजाब, केरल, असम, त्रिपुरा, मेघालय में हिंदू गर्व से नहीं जी पा रहे।'

हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा, 'हम मुस्लिम या ईसाई विरोधी नहीं हैं। हमें 'आई लव मोहम्मद' से कोई दिक्कत नहीं, जैसे 'आई लव महादेव' से किसी को नहीं होनी चाहिए। लेकिन 'सर तन से जुदा' जैसे नारे संविधान और कानून के खिलाफ हैं। हम तलवारों की नहीं, विचारों की लड़ाई में विश्वास रखते हैं।'

'कट्टरता नहीं, अपनी संस्कृति को बचाना जरूरी'

शास्त्री ने हिंदू कट्टरता के सवाल पर कहा, 'कट्टरता का मतलब हिंसा नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति और पहचान को सुरक्षित करना है। किसी के खिलाफ बोलना मूर्खता है, अपने पक्ष में बोलना कट्टरता। लेकिन मंदिर-मस्जिद तोड़ना, गाय काटना, या राम के अस्तित्व पर सवाल उठाना मूर्खता है।' उन्होंने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपनी संस्कृति के प्रचार-प्रसार का अधिकार है।

'हिंदू राष्ट्र चार्टर्ड प्लेन से नहीं, गांव-गांव जाकर बनेगा'

शास्त्री ने हिंदू राष्ट्र के अपने दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए कहा, 'हिंदू राष्ट्र डिफेंडर या फॉर्च्यूनर गाड़ियों से नहीं बनेगा। गांव-गांव, गली-गली, नुक्कड़-नुक्कड़ जाकर हिंदुओं को जोड़ना होगा।' उनकी 7-16 नवंबर की दिल्ली-वृंदावन पदयात्रा इसी मकसद से है। उन्होंने कहा, 'हम दंगे, जातिवाद, या हिंदू-मुस्लिम की लड़ाई नहीं चाहते। हम चाहते हैं कि हिंदुस्तान में हिंदुत्व और सनातन की जय हो।'

'पटाखों पर ज्ञान क्यों सिर्फ हिंदुओं को?'

पटाखों पर विवादित बयान के बारे में पूछे जाने पर शास्त्री ने तंज कसते हुए कहा, 'पटाखों से प्रदूषण होता है, यह हम मानते हैं। लेकिन क्रिसमस, नया साल, क्रिकेट जीत, या चुनावी जीत पर भी पटाखे फूटते हैं। फिर सिर्फ हिंदू त्योहारों पर ही ज्ञान क्यों? बकरीद पर हम कुछ नहीं कहते, तो हमारे दीवाली के पटाखों पर टिप्पणी न करें।' उन्होंने इसे हिंदू उत्साह को दबाने की कोशिश करार दिया।

'प्राइवेट जेट और ग्लैमर? हम साधु नहीं, सनातनी हैं'

शास्त्री की प्राइवेट जेट और ग्लैमरस छवि पर सवाल उठने पर उन्होंने जवाब दिया, 'हम साधु नहीं, सनातनी हैं। लोग हमारी चमक देखते हैं, लेकिन संघर्ष नहीं। रातों की नींद, भूख, गालियां, और झूठे आरोप हम सहते हैं। बैलगाड़ी से भी चले, 160 किमी पैदल भी चले। माया में फंसे लोगों को समझाने के लिए माया में उतरना पड़ता है।' उन्होंने अंबानी की शादी में जाने को भी जायज ठहराया, कहा, 'लोगों को जोड़ने के लिए वहां जाना जरूरी था।'

'कथा का पैसा विदेश में घर नहीं, अस्पताल बनाता है'

शास्त्री ने अपने धन और कार्यों पर कहा, 'नेता, क्रिकेटर, और बॉलीवुड स्टार्स विदेश में घर बनाते हैं। हम कथा से जो कमाते हैं, उससे अस्पताल बनाते हैं।' उन्होंने बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) कैंसर अस्पताल के लिए PM मोदी द्वारा किए गए भूमि पूजन का जिक्र किया और उनकी तारीफ की।

PM मोदी और राजनीतिक दलों से रिश्ते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'बड़े भाई' बताते हुए शास्त्री ने कहा, 'मोदी जी का विजन 2047, दुश्मनों को जवाब, और संस्कृति की रक्षा अभूतपूर्व है। वह राम, राष्ट्र, खेल, रेल, चाय, और गाय की बात करते हैं। ऐसा PM दुर्लभ है।' कांग्रेस से रिश्तों पर बोले, 'कमल नाथ और दिग्विजय सिंह से अच्छे नाते हैं। कोई भी पार्टी हिंदुत्व का ठेका नहीं ले सकती। जहां हिंदू हैं, वहां हम हैं।'

सनातन क्रिकेट लीग: नया प्रयोग

शास्त्री ने सनातन क्रिकेट लीग (18 अक्टूबर) में भागीदारी की पुष्टि की। उन्होंने बताया, 'यह विचार शांति दूत देवकीनंदन ठाकुर जी का है। बाढ़ प्रभावितों के लिए धन जुटाने और हिंदू एकता को बढ़ाने के लिए यह आयोजन है। धोती-कुर्ते में क्रिकेट खेलेंगे।' उन्होंने क्रिकेट को अपना शौक बताया और इसे सामाजिक कार्य से जोड़ा।

पदयात्रा: हिंदू एकता और विचारों की क्रांति

7 से 16 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन की पदयात्रा के मकसद पर शास्त्री ने कहा, 'हम जातिवाद, मजहब, और क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर राष्ट्रवाद के लिए काम कर रहे हैं। हिंदुओं को डर और अत्याचार से बचाने के लिए गांव-गांव जाएंगे।' उन्होंने प्रेमानंद जी जैसे संतों के आशीर्वाद का जिक्र किया और कहा कि यह यात्रा विचारों की क्रांति लाएगी।

'संतों में कोई प्रतिस्पर्धा नहीं'

संतों के बीच प्रतिस्पर्धा के सवाल पर शास्त्री ने कहा, 'वशिष्ठ-विश्वामित्र का दौर गया। हम शंकराचार्य और अन्य संतों के आशीर्वाद से काम कर रहे हैं।' उन्होंने रामानंदाचार्य और आदि शंकराचार्य के 'एकत्व' के सिद्धांत को अपनी प्रेरणा बताया।

विचारों की क्रांति का आह्वान

धीरेंद्र शास्त्री का यह इंटरव्यू हिंदू एकता, सनातन संस्कृति, और सामाजिक सुधारों पर उनके दृष्टिकोण को सामने लाता है। 'सर तन से जुदा' जैसे नारों को संविधान विरोधी बताकर उन्होंने हिंसा के खिलाफ विचारों की लड़ाई का रास्ता चुना। उनकी पदयात्रा और सनातन क्रिकेट लीग जैसे कदम युवाओं और समाज को जोड़ने की नई कोशिश हैं। क्या शास्त्री की यह मुहिम हिंदू एकता को नया आयाम देगी? समय बताएगा।

ये भी पढ़ें- VIDEO: 'माया जाल में फंसे थे', प्रेमानंद महाराज और पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बीच क्या-क्या बातचीत हुई?

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