MP News: भोजशाला में 750 साल बाद विधि-विधान से हुई पूजा, सीएम डॉ. मोहन यादव ने धार को दी बड़ी सौगात
धार जिले में एक व्यापक विकास और जल संरक्षण अभियान के हिस्से के रूप में सरस्वती लोक विरासत और संस्कृति केंद्र और राजा भोज अनुसंधान संस्थान की स्थापना होगी। यह कदम राजा भोज जैसे ऐतिहासिक शख्सियतों को पहचान देता है और संस्कृति, साहित्य, पर्यटन और आदिवासी समुदायों के कपास उत्पादों सहित स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखता है।
मध्यप्रदेश के धार जिले में रविवार को इतिहास रचा गया। भोजशाला में करीब 750 वर्षों बाद पहली बार विधि-विधान के साथ मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वयं भोजशाला पहुंचकर पूजा की और धारवासियों को बड़ी सौगात देते हुए यहां मां सरस्वती लोक और राजा भोज शोध संस्थान स्थापित करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोजशाला परिसर में प्रवेश करते ही मां वाग्देवी का ध्यान किया और पूरे वैदिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना और आरती की। इस दौरान उन्होंने कहा कि गंगा दशमी के पावन अवसर पर धार की धरती पर आना सौभाग्य की बात है। उन्होंने राजा भोज, सम्राट विक्रमादित्य और हर्षवर्धन को मालवा की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक बताते हुए कहा कि इन महान विभूतियों ने सनातन संस्कृति को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजा भोज केवल एक शासक नहीं, बल्कि महान विद्वान और स्थापत्य कला के संरक्षक थे। उन्होंने कई ग्रंथों की रचना की और ऐतिहासिक धरोहरों का निर्माण कराया। दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग का निर्माण भी राजा भोज ने ही कराया था। उन्होंने जल संरक्षण की अनूठी तकनीकों का उल्लेख करते हुए भोपाल तालाब निर्माण को उनकी दूरदर्शिता का उदाहरण बताया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि धार अब विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की नई दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने घोषणा की कि धार में मां सरस्वती लोक का निर्माण किया जाएगा, जो साहित्य, संस्कृति और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा। साथ ही राजा भोज शोध संस्थान की स्थापना भी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि धार प्रदेश का अग्रणी औद्योगिक जिला बन रहा है और पीएम मित्रा पार्क के माध्यम से यहां आदिवासी समुदाय द्वारा उत्पादित कपास से कपड़ों का निर्माण और निर्यात किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता की सराहना
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने विरासत से विकास की अवधारणा को साकार किया है। उन्होंने कहा कि देश में न्यायालयों के फैसलों को प्रभावी ढंग से लागू करने का सामर्थ्य प्रधानमंत्री मोदी में है। राम मंदिर के फैसले का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी को साथ लेकर उसका सफल क्रियान्वयन कराया। उन्होंने कहा कि भोजशाला को लेकर उच्च न्यायालय के फैसले ने वर्षों पुराने संघर्ष को न्याय दिलाया है और यह धारवासियों के लंबे संघर्ष की जीत है।
जल संरक्षण के लिए 2500 करोड़ के कार्य जारी
मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश में जल संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में 2 लाख 82 हजार से अधिक जल संरक्षण कार्यों का लक्ष्य तय किया गया है और वर्तमान में करीब 2500 करोड़ रुपये के कार्य प्रगति पर हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 55 हजार से अधिक खेत तालाब, 105 अमृत सरोवर और लाखों जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। धार जिले में भी खेत तालाब, डगवेल रिचार्ज, सिंचाई संरचनाओं और प्राचीन बावड़ियों एवं तालाबों के संरक्षण पर विशेष कार्य हो रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 88 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 12 विकास कार्यों का भूमि-पूजन भी किया।
भोजशाला आंदोलन के बलिदानियों के परिवारों को सहायता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोजशाला आंदोलन में जान गंवाने वाले पंत सिंह, अंतर सिंह और लक्ष्मण सिंह के परिजनों को सम्मानित किया और प्रत्येक परिवार को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। कार्यक्रम में बलिदानियों की स्मृति में मौन रखकर श्रद्धांजलि भी दी गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ वितरण भी किया।












Click it and Unblock the Notifications