Air India के विमानों में DGCA ने सुरक्षा संबंधी गिनाई 51 खामियां, सुधार के लिए दी डेडलाइन
Air India,safety lapses: देश की प्रमुख विमानन कंपनी एयर इंडिया (Air India) की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। एविएशन रेगुलेटर DGCA ने एक रिपोर्ट जारी की है। ऑडिट रिपोर्ट में एयर इंडिया के संचालन में 51 सुरक्षा संबंधी खामियां पाई गई हैं।
सुरक्षा संंबंधी खामियों में पायलटों के लिए अपर्याप्त प्रशिक्षण, बिना अनुमति वाले सिमुलेटर का यूज और रोस्टरिंग सिस्टम शामिल है। यह कमियां इस महीने डीजीसीए द्वारा तैयार की गई 11 पन्नों की एक सीक्रेट ऑडिट रिपोर्ट में बताई गई थीं। हालांकि, एयर इंडिया ने अभी तक इस रिपोर्ट पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

प्रशिक्षण मैनुअल पुराने हैं, पायलटों का प्रशिक्षण अधूरा है, प्रशिक्षण रिकॉर्ड अव्यवस्थित हैं, और रोस्टर बनाने का काम ऐसे कर्मचारियों को सौंपा गया है जिन्हें उचित ट्रेनिंग नहीं मिली है। इसके अलावा, कम विजन में उड़ान भरने के लिए आवश्यक अनुमतियों में भी अनियमितताएं पाई गई हैं।
51 खामियों में से 7 कमियों को गंभीर श्रेणी में रखा है
इन 51 खामियों में से 7 को डीजीसीए ने "लेवल I" यानी सबसे गंभीर श्रेणी में रखा है और उन्हें 30 जुलाई, 2025 तक सुधारने का अंतिम समय दिया गया है। शेष 44 कमियों को 23 अगस्त, 2025 तक दूर करना अनिवार्य है।
ये रिपोर्ट एयर इंडिया के लंदन जाने वाले बोइंग 787-8 विमान के अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त होने और 260 लोगों की जान जाने के एक महीने बाद आया है। हालांकि,रिपोर्ट के अनुसार, यह वार्षिक ऑडिट का हिस्सा है और पिछले महीने हुई घातक बोइंग 787-8 दुर्घटना की जांच से जुड़ा नहीं है।
डीजीसीए ने एयर इंडिया को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वह प्रमाणित दस्तावेजों के माध्यम से यह साबित करे कि उसने सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया है। डीजीसीए इस मामले में अब केवल जांच तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि आवश्यक कार्रवाई करने की तैयारी में है।
सुधार के लिए दी डेडलाइन
डीजीसीए की ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया है कि सात "लेवल I" महत्वपूर्ण उल्लंघनों को 30 जुलाई तक ठीक करने की आवश्यकता है, जबकि 44 अन्य गैर-अनुपालनों को 23 अगस्त तक हल करने की आवश्यकता है।
पायलट पूरी तरह ट्रेंड नहीं
डीजीसीए के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें कुछ अनिर्दिष्ट बोइंग 787 और 777 पायलटों के लिए "बार-बार ट्रेंड में कमियां" मिलीं, जिन्होंने अपनी निगरानी ड्यूटी पूरी नहीं की थी। निगरानी ड्यूटी के तहत पायलटों को उड़ान शुरू करने से पहले कॉकपिट में उपकरणों के कामकाज का निरीक्षण करना होता है।
DGCA ने जारी की नोटिस
23 जुलाई, 2024 को डीजीसीए ने एयर इंडिया को तीन अलग-अलग कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं, जिनका जवाब देने के लिए कंपनी को 15 दिन का समय दिया गया है। इससे पहले, डीजीसीए ने संबंधित विमान को तुरंत ग्राउंड कर दिया और सभी आवश्यक सुधार पूरे होने तक उड़ान पर रोक लगा दी थी।












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