DGCA ने इंडिगो पर लगाया 22 करोड़ रुपये का जुर्माना, VP को तुरंत हटाने का दिया आदेश, जानिए वजह
DGCA action on IndiGo: नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने इंडिगो एयरलाइन पर ₹22 करोड़ का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना अक्टूबर 2023 से जनवरी 2024 के बीच 'उड़ानों के बड़े पैमाने पर रद्द होने और बार-बार देरी' के कारण है। डीजीसीए ने 31 जनवरी को इंडिगो को कारण बताओ नोटिस जारी किया था जिसकी जांच रिपोर्ट के बाद ये जुर्माना लगाया गया है।

डीजीसीए ने यह कार्रवाई इंडिगो द्वारा अपने पायलटों की उपलब्धता को प्रभावी ढंग से प्रबंधित न कर पाने के कारण की है, जिसके चलते फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशंस (FDTL) नियमों का उल्लंघन हुआ और सेवाएं बाधित हुईं। एक वरिष्ठ डीजीसीए अधिकारी ने इस संबंध में बताया, "एयरलाइन के जवाब की समीक्षा के बाद, सक्षम प्राधिकारी ने उक्त अवधि के लिए इंडिगो पर ₹22 करोड़ (₹30 लाख प्रति दिन) का वित्तीय दंड लगाया है।"
जांच रिपोर्ट में क्या हुआ खुलासा?
याद रहे पायलटों की अनुपलब्धता के कारण इंडिगो की कई उड़ानें रद्द या विलंबित हुई थीं। अधिकार ने बताया , "डीजीसीए ने पाया कि इंडिगो निर्धारित नियमों के अनुसार यात्रियों को सुविधाएं प्रदान नहीं कर रहा था।" "इंडिगो ने पायलटों की उपलब्धता सुनिश्चित किए बिना ही उड़ानों की शेड्यूलिंग की थी। यह FDTL नियमों का सीधा उल्लंघन है।" अधिकारी ने बड़ी संख्या में पायलटों के 'बीमार' होने की रिपोर्टों को भी 'गैर-जिम्मेदाराना' करार दिया।
इंडिगो की स्वीकृत उड़ानों की संख्या को भी कम किया
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार डीजीसीए ने 22 करोड़ का जुर्माना लगाने के साथ समर शेड्यूल 2024 के लिए इंडिगो की स्वीकृत उड़ानों की संख्या को भी कम कर दिया है। आगामी गर्मी के सीजन के लिए इंडिगो को अपना संशोधित उड़ान कार्यक्रम प्रस्तुत करना होगा। इस नए कार्यक्रम के तहत, एयरलाइन अब प्रति सप्ताह केवल 1758 उड़ानें ही संचालित कर पाएगी।
जुर्माने में एयरलाइन की मौजूदा 30 लाख रुपये की बैंक गारंटी को भुनाना भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, इंडिगो को 30 दिनों के भीतर 50 लाख रुपये की नई बैंक गारंटी जमा करने का निर्देश दिया गया है। यह कदम एयरलाइन के परिचालन में ढिलाई को लेकर डीजीसीए की गंभीरता को दर्शाता है।
इंडिगो की उड़ानों से जुड़ा क्या है मामला
बता दें पिछले दिनों इंडिगो की उड़ानें "कई कारणों से रद्द और विलंबित हुईं, जिनमें मुख्य रूप से इसके प्रैट एंड व्हिटनी इंजनों से जुड़ी समस्याएं थीं, जिसके कारण विमानों को ग्राउंडेड करना पड़ा, या एओजी (विमान ऑन ग्राउंड), जिसने इसके परिचालन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।"
इन निष्कर्षों के बाद, डीजीसीए ने एयरलाइन को प्रभावित यात्रियों को "वैकल्पिक उड़ानें या नकद रिफंड प्रदान करने" और आवश्यकता पड़ने पर "उपयुक्त होटल आवास" उपलब्ध कराने का आदेश दिया। इसके अतिरिक्त, डीजीसीए इंडिगो की "उन्नत निगरानी" भी करेगा।
अपने बयान में, इंडिगो ने स्वीकार किया कि वह "एओजी (विमान ऑन ग्राउंड) स्थिति के कारण गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा था, जो कई एयरलाइनों को प्रभावित करने वाला एक उद्योग-व्यापी मुद्दा है।" उसने इस समस्या को "वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला व्यवधान बताया जिसने एमआरओ (रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल) आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है।" एक इंडिगो प्रवक्ता ने कहा, "इन चुनौतियों के बावजूद, हमने व्यवधानों को कम करने के लिए त्वरित वेट लीजिंग और अपने नेटवर्क में रणनीतिक समायोजन जैसे सक्रिय उपाय लागू किए।"
इससे पहले कब लगा था जुर्माना?
यह पहली बार नहीं है कि डीजीसीए ने इंडिगो पर जुर्माना लगाया है। दिसंबर 2023 में, नियामक ने ₹30 लाख का जुर्माना लगाया था क्योंकि एक यात्री हवाई पट्टी (टर्मैक) पर भोजन करते हुए देखा गया था, और एयरलाइन इस स्थिति को ठीक से संभाल नहीं पाई थी।












Click it and Unblock the Notifications