Earthquake: बिगड़ता मौसम है भूकंप का कारण? गर्मी शुरू होते ही महसूस होने लगते हैं झटके, ऐसे करें बचाव
भूंकप के झटके सबसे अधिक गर्मी के मौसम में आने लगते हैं। गर्मा का मौसम शुरू होने पर धरती के भीतर गतिविधियां बढ़ जाती हैं, जिससे तेज झटके महसूस होने लगते हैं।

Earthquake: दिल्ली समेत कई राज्यों में मंगलवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता करीब 7 रही। करीब 10 सेकेंड तक धरती डोलती रही। इससे लोगों में दहशत फैल गई। लोग अपने घरों को छोड़कर बाहर निकल आए। लेकिन ये भूकंप आते क्यों हैं? इसके क्या कारण हैं? खास बात ये कि गर्मियों में ही क्यों आते हैं ज्यादा झटके? गर्मी अभी शुरू होते ही पिछले एक महीने में भारत में तीन बार धरती डोली है। गर्मी से भूकंप का क्या कनेक्शन है? आइए जानते हैं...
विशेषज्ञों का कहना है कि बिगड़ते मौसम के चलते भूकंप के झटके महसूस होते हैं। गर्मी के समय में धरती की टेक्टोनिक प्लेटें खिसक रही हैं, जिसकी वजह से इतने भूकंप आ रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि गर्मी का मौसम शुरू होते ही धरती के अंदर गतिविधियां बढ़ जाती हैं। ये हालाात गर्मियों में ज्यादा देखने को मिलते हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि कई बार दो टेक्टोनिक प्लेटों के बीच में गैस बनती है। बनी गैस या प्रेशर जब रिलीज होता है तब भी हमें भूकंप के झटके महसूस होते हैं।
वहीं, एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि भारतीय टेक्टोनिक प्लेट हिमालयन टेक्टोनिक प्लेट की तरफ खिसक रही है। जिसके चलते हमें गर्मियों में ज्यादा झटके महसूस होते हैं। हालांकि, इस बार तो बहुत जल्दी ही गर्मी आ गई। फरवरी तो गुलाबी मौसम होता है, लेकिन इस बार बीच फरवरी में ही तापमान सामान्य से अधिक रहा। पश्चिमी मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में हीट वेव की भी घटनाएं सामने आई थीं। मार्च में भी सूर्य देव के तेवर तेज रहे। मौसम का अचानक मिजाज बदलने से बेमौसम गर्मी बढ़ रही है।
गर्मी बढ़ने के साथ ही भूकंप के झटके की भी संभावना काफी बढ़ जाती है। क्योंकि गर्मी में धरती के अंदर गतिविधियां बढ़ जाती हैं। जिसके चलते धरती डोलने लग जाती है। वैसे तो भूकंप के कई प्रमुख कारण हैं, जैसे- ज्वालामुखी विस्फोट, पृथ्वी के प्लेटों में असंतुलन उत्पन्न होना, हिमखंड के खिसकने आदि से भूकंप आता है।
भूकंप से क्या हैं बचाव
भूकंप के समय आप घर में हैं तो फर्श पर बैठ जाएं।
भूकंप के समय घर में किसी मजबूत टेबल या फर्नीचर के नीचे बैठकर हाथ से सिर और चेहरे को ढक लें।
भूकंप के समय अगर आप बिस्तर पर लेटे हैं हैं तो लेटे रहें, तकिए से सिर ढक लें।
घर के सभी बिजली स्विच को ऑफ कर दें।
अगर आप भूकंप के दौरान मलबे के नीचे दब जाएं तो किसी रुमाल या कपड़े से मुंह को ढंक लें।
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