हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स और कोरोना वॉरियर्स के लिए बना नया पोर्टल
नई दिल्ली। कोरोना वायरस से निपटने और लॉकडाउन के दौरान स्थितियों पर नियंत्रण के लिए मंगलवार को स्वास्थ्य और गृह मंत्रालय की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस हुई। चौथे सशक्त समूह के चेयरमैन ने कहा कि http://covidwarriors.gov.in एक मास्टर डाटा बेस है। इसमें हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स और वलंटियर्स हैं। अब तक इसमें 1 करोड़ 24 लाख मानव संसाधनों की डिटेल्स आ गई हैं। इसमें जिला और राज्य स्तरीय कॉर्डिनेटर्स के नंबर और डिटेल्स है। कुछ इंडिविज्युल लेवल का डाटा सिर्फ जिला मजिस्ट्रेट और म्युनिसिपल बॉडीज़ और स्टेट गवर्नमेंट के अधिकारी ही देख पाएंगे बाकी जो डाटा है वो पब्लिक डोमेन में है उसे सभी लोग देख सकते हैं।

आईसीएमआर के डा. रमन गंगाखेडकर ने कहा कि राज्यों को दो दिनों के लिए रैपिड टेस्टिंग किट का उपयोग नहीं करने की सलाह दी गई है। रिजल्ट में बहुत भिन्नताएं आ रहीं थीं जिसके चलते ऑन ग्राउंड टीमों द्वारा किट परीक्षण के बाद 2 दिनों में एडवाइजरी जारी की जाएगी।
कल 35,852 सैंपलों का टेस्ट किया गया
उन्होंने कहा कि 4,49,810 सैंपलों का अब तक टेस्ट किया जा चुका है। कल 35,852 सैंपलों का टेस्ट किया गया जिनमें से 29,776 नमूनों का टेस्ट 201 ICMR नेटवर्क लैब में और बाकी 6,076 सैंपलों का टेस्ट 86 निजी प्रयोगशालाओं में किया गया। उन्होंने कहा कि यह एक नई बीमारी है पिछले साढ़े तीन महीनों में विज्ञान ने विकास किया है और हमने PCR टेस्ट भी शुरू किए। 5 टीके मानव परीक्षण फेज़ में चले गए हैं। यह पहले कभी किसी अन्य बीमारी के मामले में नहीं हुआ।
कोरोना को हरा सकती हैं आरोग्य सेतु जैसी ऐप
दुनिया भर के वैज्ञानिकों का मानना है कि भारत की आरोग्य सेतु जैसी स्मार्टफोन एप्प के जरिए कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने की पैरवी की है। उनका मानना है कि इससे महामारी को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है और दुनिया को लॉकडाउन (बंद) से बाहर निकालने में सहायता मिल सकती है, लेकिन प्रौद्योगिकी संचालित हस्तक्षेप से निजता संबंधी मसले हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रौद्योगिकी कोरोना वायरस से संक्रमित शख्स के संपर्क में आए सभी लोगों का पता लगाने में मदद कर सकती है जिससे स्वास्थ्य कर्मियों को संभावित मरीज की जांच कराके संक्रमण को आगे फैलने से रोकने में मदद मिलेगी। भारत में बंद के दूसरे चरण की शुरुआत 15 अप्रैल से हुई और सरकार ने आरोग्य सेतु एप्प की शुरुआत की और कहा कि यह कोविड-19 के मरीजों का पता भी लगा सकती है।












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