बारिश भी नहीं हिला पाई हिन्दी के वीरों को
नई दिल्ली( ब्यूरो) राजधानी में बीते दिनों हुई तगड़ी बारिश के बावजूद भारतीय भाषा आंदोलन के आंदोलनकारी अपने धरना स्थल यानी जंतर-मंतर पर डटे रहे। भारतीय भाषा आंदोलन' 21 अप्रैल 2013 से जंतर मंतर पर चल रहा है। बीते दिनों आयी भारी वर्षा में भी इस आजादी की निर्णायक जंग के समर्पित सिपाई मैदान से हटे नहीं।
धरना दे रहे हैं
ये भारत में हिन्दी और भारतीय भाषाओं को उनका उचित स्थान दिलाने के लिए धरना दे रहे हैं। इनका आरोप है कि देश अब भी अंग्रेजीदां ही चला रहे हैं। भारतीय भाषा आंदोलन के महासचिव देवसिंह रावत ने भारतीय भाषा आंदोलन ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को भारत से अंग्रेजों के जाने के बाद भी देश आजाद नहीं हुआ।
पाकिस्तान में हिन्दी सीखते चीनी लोग
पहले भारत अंग्रेजों का गुलाम था और उनके जाने के बाद देश अंग्रेजी जानने वालों का गुलाम हो गया। वरिष्ठ लेखक और पत्रकार प्रदीप सौरभ ने कहा कि हिन्दी को उसका अधिकार दिलाने के लिए इस तरह की लड़ाई कभी नहीं लड़ी गई।













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