2000 का नोट डिजाइन करते वक्त मोदी सरकार से हुईं ये बड़ी गलतियां
यूं तो 2000 के नोट को डिजाइन के मामले में बहुत ही बेहतर बताकर जारी किया गया है, लेकिन ये नोट देखकर ऐसा नहीं लगता
नई दिल्ली। हाल ही में मोदी सरकार ने 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करके 500 और 2000 रुपए के नए नोट जारी किए हैं। फिलहाल 500 के नोट तो बहुत ही कम लोगों के पास हैं, लेकिन जो लोग भी पैसे बदलवा रहे हैं उनमें अधिकतर के पास 2000 रुपए का नोट है।

यूं तो 2000 के नोट को डिजाइन के मामले में बहुत ही बेहतर बताकर जारी किया गया है, लेकिन ये नोट देखकर अधिकतर लोगों ने (भले ही तंज किया) कहा कि ये नोट चूरन से निकले बच्चों के खेलने वाले नोट जैसा लगता है।
2000 का नोट कितनी अफरा-तफरी और जल्दबाजी में बना है, इसके कई संकेत खुद नोट में ही दिखाई दे रहे हैं। आइए देखते हैं ऐसा क्या है नोट में जिसके चलते इसकी आलोचना हो रही है।
बिना कॉन्सेप्ट के बना नोट
यह नोट बिना किसी कॉन्सेप्ट के बना हुआ लगता है। नोट पर आपको कई ऐसे एलिमेंट मिल जाएंगे जिनका आपस में कोई संबंध नहीं है। नोट पर महात्मा गांधी, चन्द्रयान, स्वच्छ भारत लोगो, हाथी, कमल, मोर का पैटर्न और भी कई चीजें हैं, जिन्हें देखकर लगता है कि नोट को छापने से पहले यह नहीं सोचा गया कि आखिर किन चीजों को और क्यों रखा जाए?
उदाहरण के लिए, हमारा राष्ट्रीय पुष्प कमल है, राष्ट्रीय पक्षी मोर है लेकिन राष्ट्रीय पशु शेर है, न की हाथी, जिसे नोट पर जगह दी गई है।
मिक्स डिजाइन
नोट को डिजाइन करने में जिन लोगों ने भी भागीदारी की है उन लोगों ने कोई एक पैटर्न फॉलो नहीं किया है। 2000 के नए नोट को न तो आधुनिक कह सकते हैं न ही पुराने जमाने को याद दिलाने वाला। नोट की डिजाइनिंग न तो सजावटी लग रही है और न ही विंटेज स्टाइल की। जैसा कि आप पुराने नोट देखते थे तो उन नोटों में एक पैटर्न दिखता था, लेकिन 2000 के नए नोट में उसकी कमी है।
नोट का साइज
2000 रुपए के नोट का साइज 66 मिलीमीटर रखा गया है। पुराने 500 और 1000 रुपए के नोट की चौड़ाई एक ही बराबर थी जो लगभग 72 मिलीमीटर थी। सरकार ने इन नोट की चौड़ाई को 6 मिलीमीटर छोटा कर दिया, लेकिन ये नहीं सोचा कि देश के करीब 2 लाख एटीएम को प्रोग्राम करने में कितनी परेशानी आएगी और कितना खर्चा होगा।
महज 6 मिलीमीटर छोटा करने से देश भर के लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इससे यह बात साफ होती है कि सरकार ने इस नोट को जारी करने से पहले ये नहीं सोचा था कि एटीएम मशीनें इन नोटों को कैसे पढ़ेंगी। खासकर उस समय, जब आप पूरे देश की इकोनॉमी से पैसा निकाल रहे हैं तो इस तरह की बातों पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है, ताकि लोगों को दिक्कत न हो।
नोट के सिक्योरिटी फीचर
जहां एक ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने घोषणा की थी कि नया 2000 रुपए का नोट नए सिक्योरिटी फीचर्स के साथ आया है, जिसके चलते इसकी नकल कर पाना नामुमकिन है। इस तरह से नकली नोटों से छुटकारा मिलेगा। हालांकि, कुछ जगहों से नकली नोट पाए जाने की खबरें भी आई थीं, लेकिन किसी की पुष्टि नहीं हो सकी।
वहीं दूसरी ओर, भारतीय रिजर्व बैंक के एक अधिकारी के अनुसार सरकार की तरफ से इतना समय नहीं दिया गया था कि नोट में नए सिक्योरिटी फीचर डाले जा सकें, इसलिए फिलहाल 2000 रुपए के नोट में सभी सिक्योरिटी फीचर पुराने हैं। बैंक अधिकारी के अनुसार किसी नोट के सिक्योरिटी फीचर में बदलाव करना 5-6 सालों का काम है।
कैसे बनेगी कैशलेस इकोनॉमी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि नोटबंदी का उद्देश्य यह है कि कालेधन पर लगाम लगे और कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा मिले। ऐसे में 2000 रुपए का नोट जारी करने से कैशलेस इकोनॉमी कैसे बनेगी।
दुनिया की हर कैशलेस इकोनॉमी में कैश ट्रांजैक्शन में छोटी डिनोमिनेशन के नोट होते हैं, जबकि भारत में कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए पहले से भी बड़ा नोट यानी 2000 रुपए का नोट जारी किया गया है। इस तरह से ये भी आलोचना का एक विषय है।












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