Bangladesh: कोलकाता में बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों के समर्थन में प्रदर्शन, पुलिस और हिंदू महासभा में झड़प
Bangladesh: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में सोमवार को पुलिस और हिंदू महासभा के सदस्यों के बीच तीखी झड़पें हुईं। यह घटना तब घटी जब हिंदू महासभा के कार्यकर्ता बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों के विरोध में बांग्लादेश के उप उच्चायोग की ओर मार्च कर रहे थे।
विरोध प्रदर्शन पर विवाद
हिंदू महासभा ने बांग्लादेश में हाल ही घटनाओं जिसमें अल्पसंख्यक हिंदुओं पर बढ़ते हमले और धार्मिक स्थलों पर हमले शामिल हैं। उनके खिलाफ आवाज उठाने के लिए यह रैली आयोजित की थी। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनकी धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की। जैसे ही रैली चौरंगी क्षेत्र में बांग्लादेश के उप उच्चायोग के पास पहुंची। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प
रैली के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस हुई। जो जल्द ही झड़प में बदल गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को उच्चायोग की ओर बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेड लगाए। लेकिन कार्यकर्ताओं ने उन्हें हटाने का प्रयास किया। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी और कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए।
प्रदर्शन को जबरन दबाने का आरोप
हिंदू महासभा के नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को जबरन दबाने का प्रयास किया। महासभा के प्रवक्ता ने कहा कि हमने बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाई। पुलिस का यह व्यवहार हमारे अधिकारों का हनन है। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार से कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग की।
पुलिस का सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित का तर्क
पुलिस ने कहा कि रैली को रोकने के लिए यह कदम सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया था। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने निर्धारित मार्ग का उल्लंघन किया और बिना अनुमति उच्चायोग के पास पहुंचने की कोशिश की। जिससे तनाव बढ़ा। प्रशासन ने यह भी कहा कि किसी भी संवेदनशील मुद्दे पर रैली के लिए नियमों का पालन करना आवश्यक है।
बांग्लादेश सरकार से मजबूत कदम उठाने की मांग
पिछले कुछ हफ्तों में बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों और धार्मिक स्थलों पर हमलों की घटनाओं ने दोनों देशों में व्यापक प्रतिक्रिया उत्पन्न की है। अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ के सदस्यों और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हुई हिंसा ने धार्मिक सहिष्णुता पर सवाल उठाए हैं। भारत में विभिन्न संगठनों ने इन घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए बांग्लादेश सरकार से मजबूत कदम उठाने की मांग की।
भाजपा और अन्य हिंदू संगठनों ने इस घटना की निंदा करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार पर अल्पसंख्यकों के मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। तृणमूल कांग्रेस ने पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है।
संघर्ष जारी रखेगी हिंदू महासभा
हिंदू महासभा ने इस मुद्दे पर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया है और भविष्य में और बड़े विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की है। वहीं प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।












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