Defence Expo 2018: भारत में बनेगा ऐसा प्लेन, जिससे चीन-पाकिस्तान खाते है खौफ
समुद्र से ही टेक ऑफ और लैंडिंग करने वाला विशेष मानवरहित एयरक्राफ्ट अब भारत में भी बन सकता है।
नई दिल्ली। तमिलनाडु के महाबलिपुरम में डिफेंस एक्सपो 2018 के उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि मैं महान चोलों के देश में यहां बहुत खुश हूं। इतनी सारी कंपनियों को देख कर मुझे काफी हर्ष है। यह भारत की रक्षा क्षमताओं को दिखाने का मंच है। देश में निर्माण कर दूसरे देशों को बेचने की रक्षा रणनीति पहले किसी भी समय की तुलना में आज सबसे अधिक सुदृढ़ है। एक्सपो में घरेलू रक्षा कंपनियों के अलावा दुनिया भर से आई रक्षा क्षेत्र की बड़ी-बड़ी कंपनियां आधुनिक हथियारों और रक्षा उत्पादों का प्रदर्शन कर रही हैं। ये सभी कंपनियां सेना के आधुनिकीकरण के कारण होने वाली अरबों डॉलर की रक्षा खरीदी पर निगाहें टिकाए हुए हैं।

'पानी के साथ ही जमीन पर भी लैंड कर सकता है'
समुद्र से ही टेक ऑफ और लैंडिंग करने वाला विशेष मानवरहित एयरक्राफ्ट अब भारत में भी बन सकता है। यह काम टेक्नॉलजी ट्रांसफर के जरिए सरकार की मेड इन इंडिया की नीति के तहत संभव है। बुधवार को चेन्नै में डिफेंस एक्सपो 2018 के दौरान महिंद्रा ग्रुप ने जॉइंट वेंचर अग्रीमेंट के तहत ऐसे एयरक्राफ्ट्स बनाए जाने का ऐलान किया। महिंद्रा ने जापान की शिनमायवा इंडस्ट्रीज लिमिटेड के साथ यह करार किया है, जिसके तहत देश में ही जमीन और जल से उड़ान भरने में सक्षम US-2 की मैन्युफैक्चरिंग की जाएगी। अपनी तरह का यह दुनिया का मात्र ऐसे फाइलटर प्लेन है, जो पानी के साथ ही जमीर पर भी लैंड कर सकता है। यही कारण है कि इस समझौते की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है।

इजरायली कंपनी से महिंद्रा का करार
महिंद्रा ने इजरायली कंपनी एयरोनॉटिक्स के साथ भी एक एमओयू साइन किया है। इसके तहत भारतीय नेवी के लिए शिपबोर्न मानवरहित एयरक्राफ्ट्स (यूएवी) को तैयार करने का समझौता हुआ है। इजरायली कंपनी एयरोनॉटिक्स को दुनिया भर में यूएवी की मैन्युफैक्चरिंग करने वाली टॉप कंपनियों में से एक माना जाता है। इजरायल की यह पब्लिक लिस्टेड कंपनी दुनिया के तमाम देशों को यूएवी बेचती है।

'वायुसेना और नौसेना के लिए निर्माण और निर्यात की क्षमता पर केंद्रित होगा'
डिफेंस एक्सपो भारत की कई रक्षा प्रणालियों और इसके उपकरणों के निर्माण जिसमें सेना, वायुसेना और नौसेना के लिए निर्माण और निर्यात की क्षमता पर केंद्रित होगा। डिफेंस एक्सपो में मुख्य केन्द्र हिंदुस्तान एरोनाटिक्स लिमिटेड का देश में ही डिजाइन किया गया चौथी जेनरेशन का हल्का लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस, एडवांस लाइट हेलिकाप्टर ध्रुव और डोर्नियर सिविलियन एयरक्राफ्ट शामिल होंगे। मेक इन इंडिया स्टॉल के जरिये भारत तेजस विमान के निर्यात के विकल्प भी तलाश करेगा। डिफेंस एक्सपो में सेना के लिए 155 एमएम एडवांस आर्टिलरी गन का भी प्रदर्शन किया जाएगा। इसे ओएफबीएस ने बनाया है।

150 अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शकों सहित 670 से भी ज्यादा प्रदर्शक
गौरतलब है कि करीब 150 अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शकों सहित 670 से भी ज्यादा प्रदर्शक इस बार डिफेंस एक्सपो में शिरकत कर रहे हैं। इस साल सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र का लगभग 15 प्रतिशत का समुचित प्रतिनिधित्व होगा।












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