मुंबई: क्रूज ड्रग्स मामले की CBI जांच की मांग, SC में दायर याचिका में नवाब मलिक का भी जिक्र
मुंबई, 31 अक्टूबर। मुंबई क्रूज ड्रग्स केस में आर्यन खान समेत अन्य आरोपियों की जमानत के बीच अब इस मामले की सीबीआई की मांग कई गई है। एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका में ड्रग्स-ऑन-क्रूज मामले की जांच सीबीआई द्वारा कराए जाने की मांग की। याचिका में दावा किया गया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा की जा रही जांच में बाहरी हस्तक्षेप किया जा रहा है। बता दें कि क्रूज ड्रग्स मामला अब हाईप्रोफाइल केस बन चुका है। इस बीच मामले की जांच कर रहे जोनल अधिकारी समीर वानखेड़े पर महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक कई आरोप लगा चुके हैं।

बीते दिनों सूत्रों के हवाले से खबर आई थी कि ड्रग्स मामला अब एनआईए को ट्रांसफर किया जा सकता है। शुक्रवार को एनसीबी के मुंबई कार्यालय में एनआईए के अधिकारियों ने दो घंटे का समय बिताया था। अब न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, एमएल शर्मा द्वारा अपनी व्यक्तिगत क्षमता में दायर जनहित याचिका में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता और महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक और एनसीबी मुंबई के क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े के बीच चल रहे आरोप- प्रत्यारोप का उल्लेख किया गया है।
यह भी पढ़ें: मुंबई क्रूज ड्रग्स मामले में जमानत मिलने के बाद घर पहुंचते ही आर्यन खान ने किया ये बड़ा काम, आखिर क्यों?
Recommended Video
जनहित याचिका में वकील एमएल शर्मा ने पूछा कि क्या कोई मंत्री किसी मामले की जांच में 'हस्तक्षेप' करने और जांच अधिकारी को 'बदनाम' करने के बावजूद अपना पद बरकरार रख सकता है। जनहित याचिका में तर्क दिया गया कि 'किसी को भी आपराधिक न्याय प्रणाली में हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं है। राज्य और राज्य मंत्री संविधान की रक्षा करने के लिए बाध्य हैं और जांच व आपराधिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करने के लिए भी बाध्य हैं। शर्मा ने ड्रग्स मामले में 'सभी गवाहों को सुरक्षा' देने की भी मांग की है। पीटीआई ने जनहित याचिका का हवाला देते हुए कहा, 'गवाहों को सुरक्षा दी जानी चाहिए और गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए इसके अलावा आरोपी व्यक्तियों के पक्ष में अनुकूल बयान देने के लिए उन्हें प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए।'












Click it and Unblock the Notifications