दिल्ली दंगे को लेकर गडकरी का बड़ा आरोप- भारत को बदनाम करने की सुनियोजित राजनीतिक साजिश

नई दिल्ली- केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली दंगों को लेकर बहुत गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान हुए दंगे सुनियोजित राजनीतिक साजिश का हिस्सा थी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार समाज के हर वर्ग और सभी समुदायों के विकास के लिए काम कर रही है, लेकिन कुछ राजनीतिक दल और कुछ नेता अल्पसंख्यकों में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर जानबूझकर भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा है कि दिल्ली दंगों में जांच चल रही है और जो भी इसके दोषी होंगे उनके खिलाफ सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी।

दिल्ली दंगा सुनियोजित राजनीति साजिश-गडकरी

दिल्ली दंगा सुनियोजित राजनीति साजिश-गडकरी

मिंट को दिए एक इंटरव्यू में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली हिंसा पर मोदी सरकार की ओर बहुत हीं गंभीर आरोप लगाए हैं। उनसे सवाल किया गया कि दिल्ली दंगों को लेकर पश्चिमी और लिबरल मीडिया खूब बवाल कर रही है क्या इससे भारत की छवि पर असर नहीं पड़ा है। इस पर गडकरी ने कहा कि 'कुछ राजनीतिक पार्टियों का ये एजेंडा है कि वह लोगों को भ्रमित करना चाहते हैं और राजनीति में डर बहुत ही मायने रखती है। अल्पसंख्यकों के मन में डर पैदा करना कुछ राजनीतिक दलों और नेताओं का राजनीतिक एजेंडा है। अब यह पूरी तरह साफ हो चुका है सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास इस सरकार की नीति है। किसी भी अल्पसंख्यक की नागरिकता बदलने की हमारी मौजूदा समय में कोई योजना नहीं है और न ही भारत से कहीं और भेजने की योजना है। वास्तव में (आर्टिकल) 370 या सीएए इनमें अल्पसंख्यकों के खिलाफ कुछ भी नहीं है तो कुछ नेता भ्रम क्यों पैदा कर रहे हैं? उनके मन में डर पैदा करने के लिए। यह एक राजनीतिक रणनीति है। केंद्रीय मंत्री ने कहा "अब ये बातें सामने आ रही हैं कि दिल्ली दंगा इस देश को बदनाम करने की एक राजनीतिक साजिश थी। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। जांच चल रही है। सच्चाई सामने आएगी और जो लोग भी दोषी होंगे सरकार उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगी।"

कुछ मीडिया वाले आग में पेट्रोल डालते हैं- गडकरी

कुछ मीडिया वाले आग में पेट्रोल डालते हैं- गडकरी

जब उनसे सवाल किया गया कि क्या जांच में बीजेपी के भड़काऊ बयान देने वाले नेता भी शामिल होंगे? तो उन्होंने कहा कि 'मैं समझता हूं कि यह ऐसा समय है कि सभी पार्टियों को देशहित में जिम्मेदारीपूर्वक व्यवहार करना चाहिए। कई बार कुछ वाक्य गलत समझ लिए जाते हैं, उसको गलत तरीके से लिया जाता है और मेरा मानना है कि कई बार मीडिया का रोल भी बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। अमेरिका का उदाहरण लीजिए वहां 11 सितंबर की घटना को मीडिया ने कैसे लिया। वो घटना सबके लिए आदर्श हो सकती है। मैं किसी पर आरोप नहीं लगा रहा हूं। लेकिन, मीडिया में कुछ लोग हैं, जिनकी हमेशा कोशिश होती है कि हंगामा खड़ा करें। उन्होंने साफ तौर पर कहा "आग में पेट्रोल डालने का काम करते हैं, ये मत करिए। यह ठीक नहीं है।" उन्होंने ये भी कहा 'हम किसी के खिलाफ नहीं है। सभी राजनीतिक पार्टियों को जिम्मेदाराना बर्ताव करना चाहिए। हम सभी वर्गों का विकास के लिए संकल्पित हैं, जाति, धर्म, लिंग इस आधार पर हम किसी के साथ भेदभाव नहीं करते। हम सकारात्मक वातावरण पैदा करना चाहते हैं। सरकार बातचीत से हर मुद्दों के निपटारे के लिए तैयार है। लोगों में जो भी भ्रम है हम उन सब पर बात करेंगे और उसे दूर करने की कोशिश करेंगे।'

'दुनिया के मन में भ्रम पैदा करने की साजिश'

'दुनिया के मन में भ्रम पैदा करने की साजिश'

केंद्रीय मंत्री से अमेरिकी राष्ट्रपति के दौरे के समय दिल्ली हिंसा वाले विडियो वायरल होने पर पूछा गया कि दिल्ली पुलिस और गृहमंत्रालय पर हालात काबू में नहीं करने के आरोप लग रहे हैं? इसपर वो बोले 'मैं समझता हूं कि इस पर कोई टिप्पणी करना बहुत जल्दबाजी होगी। हमे सीधे उस दिशा में नहीं जाना चाहिए। जांच चल रही हैं। मैंने देखा कि किस तरह से एसिड बम तैयार करके रखा गया था। एसिड की खरीदारी चेक के माध्यम से होती है। यह बहुत ही बुरा है। मैं समझता हूं कि यह सुनियोजित साजिश थी। जब जांच जारी है तो इसपर टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने अपना दावा दोहराया कि "निजी तौर पर मैं यह समझता हूं कि यह राजनीतिक साजिश थी। राष्ट्रपति ट्रंप की यात्रा के दौरान दुनिया के मन में भ्रम पैदा करने के लिए इसकी योजना थी।" 'लेकिन, फिर भी इस पर कोई टिप्पणी करना ठीक नहीं है जांच होने दीजिए, उसके बाद ही इसपर कोई टिप्पणी करना उचित होगा।'

बातचीत से हल निकाल लेने का भरोसा

बातचीत से हल निकाल लेने का भरोसा

गडकरी ने कहा है कि सरकार हर मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार है। विपक्ष से भी संसद में बातचीत के लिए तैयार है। अल्पसंख्यकों के मन के भ्रम को दूर करने के लिए भी बातचीत को तैयार है। उन्होंने कहा कि 'जहां कुछ लोग उनके मन में डर बिठाने की कोशिश कर रहे हैं। हम बातचीत के लिए तैयार हैं। हमें विश्वास है कि इस मुद्दे को निपटा लेंगे और लोगों के मन में विश्वास बिठाने में कामयाब रहेंगे।'

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