...तो साफ हो गया कन्हैया के छूटने का रास्ता?
नयी दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी आज देश विरोधी नारों और प्रदर्शनों की वजह से दुनियाभर में चर्चा का मुद्दा बन गया है। एक ओर अदालत के बाहर वकील गुंदागर्दी पर उतर आए तो दूसरी ओर राजनीतिक दल सियासी रोटियां सेक रहे हैं। देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कन्हैया कुमार पर वकीलों ने हमला किया तो देश की सर्वोच्य अदालत ने इसमे दखल दिया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के वकीलों की टीम के सदस्य राजीव धवन को बहन की गाली दी गई।

पटियाला हाउस कोर्ट ने कन्हैया को 2 मार्च तक जेल भेज दिया है, हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस कन्हैया कुमार को दो घंटों तक जेल नहीं ले जा पाई। इस बीच दिल्ली पुलिस ने साफ कर दिया है कि वो उसकी जमानत का विरोध नहीं करेगी। ऐसे में माना जा रहा है कन्हैया कुमार की आजादी का रास्ता साफ हो रहा है। यह खबर है पत्रकारों के खिलाफ
घटनाक्रम पर नजर डालें
- पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर वकीलों के हंगामे के बाद सुप्रीम कोर्ट के जज चेलामेश्वर ने पुलिस कमिश्नर बी एस बस्सी से बात की।
- सुप्रीम कोर्ट ने पटियाला हाउस कोर्ट में हालात का जायजा लेने के लिए छह बड़े वकीलों का दल भेजा।
- इस दल में कपिल सिब्बल, राजीव धवन, दुष्यंत दवे, एडीएन राव, अजीत सिन्हा, हरिन रावल शामिल थे।
- वकीलों के दल के साथ बदसलूकी की गई, रेत फेंकी गई धक्का दिया गया।
कोर्ट में मारपीट करने वाले वकील विक्रम बीजेपी के करीबी, तस्वीरें वायरल
- सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर बस्सी को कन्हैया की सुरक्षा में नाकामी पर कल सुबह साढ़े दस बजे तक रिपोर्ट देने का आदेश दिया है।
- सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि सुनवाई के दौरान कोर्ट में दोनो पक्षों के वकीलों के अलावा और कोई वकील नहीं होगा।
- आरोपी कन्हैया की तरफ से उसके परिवार के दो सदस्य या फिर एक टीचर और एक छात्र मौजूद रह सकते हैं।
- कोर्ट रूम के अंदर ज्यादा से ज्यादा 5 पत्रकार और कोर्ट परिसर में 25 पत्रकार रह सकते हैं।












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