दिल्ली के अस्पतालों का काला सच: 1000 अस्पतालों में से 804 के पास फायर NOC नहीं, हालत जान आप भी होंगे हैरान
Delhi Hospital Conditions: दिल्ली के विवेक विहार में 120 गज में बने एक बेबी केयर सेंटर अस्पताल में 7 बच्चों की आग से झुलसकर मौत हो गई है। इस घटना ने दिल्ली के अस्पतालों की सेफ्टी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। नवजात शिशु को खोने वाले माता-पिता की दर्द भरी आवाज लोगों के कानों में गूंज रही है।
इस घटना के बाद दिल्ली के अस्पतालों और नर्सिंग की सच्चाई सामने आ रही है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के तहत 1,000 से अधिक अस्पताल/नर्सिंग होम रजिस्टर हैं। हालांकि इसमें से सिर्फ196 अस्पतालों के पास फायर एनओसी है। यानी 804 ऐसे अस्पताल हैं, जो बिना फायर NOC के चल रहे हैं।

रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि बेबी केयर सेंटर (जहां हादसा हुआ) उससे एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित सिंह नर्सिंग होम भी बिना फायर एनओसी के संचालित किया जा रहा है। ये निर्सिग होम एक बेसमेंट में चलाया जा रहा है और इसकी हालत भी बहुत खराब है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एसआईटी ने बेबी केयर सेंटर (जहां हादसा हुआ) के 2 किलोमीटर के दायरे में कम से कम तीन नर्सिंग होम की जांच की, जहां की हालत खराब बताई गई है।
सिंह नर्सिंग होम के डॉ. स्वयम के मुताबिक, एनओसी की जरूरत नहीं थी क्योंकि इमारत 9 मीटर की ऊंचाई सीमा से अधिक नहीं है। जब हमने यह समझने के लिए अस्पतालों का दौरा किया कि वे फायर एनओसी के बिना कैसे काम कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि उन्हें कुछ या अन्य छूटों के तहत इसकी आवश्यकता नहीं है।
दिल्ली में फायर सेफ्टी NOC के क्या हैं नियम?
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दिल्ली में अस्पतालों और नर्सिंग होम के लिए फायर एनओसी मिलने में देरी, कई बार नौकरशाही के चक्कर में होता है।
फरवरी 2019 में, जब करोल बाग के एक होटल में त्रासदी हुई, जिसमें 17 लोगों की जान चली गई, तो दिल्ली में फायर सेफ्टी मानदंडों को कड़ा कर दिया गया, जिससे 9 मीटर (दो मंजिल) से अधिक की सभी बहुमंजिला इमारतों को फायर सेफ्टी के लिए NOC लेना अनिवार्य कर दिया गया था। पहले ये सिर्र 15 मीटर (तीन मंजिला) इमारत के लिए भी फायर सेफ्टी की जरूरत थी।












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