दिल्ली में कोरोना विस्फोट: अमित शाह ने LG और सीएम केजरीवाल के साथ की बैठक, लिए कई अहम फैसले
नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी कोरोना विस्फोट के बाद केंद्र और केजरीवाल सरकार की नीदें उड़ गई हैं। रविवार को गृह मंत्री अमित शाह ने एक बार फिर कोरोना को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल अनिल बैजल के साथ बैठक की। इस दौरान मीटिंग में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बता दें कि उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक में शामिल हुए।

केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज (रविवार) कोरोना के 3000 नए मामले सामने आए हैं और 63 लोगों की मौत हुई है। राजधानी में कुल केस 59746 हुए अब तक 2175 लोगों की मौत। कुल 33,013 लोग रिकवर कर चुके हैं। तेजी से बढ़ते मामलों और स्वास्थ्य सेवा पर पड़ रहे दवाब को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने उच्च स्तरीय बैठक की, इस दौरान स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन भी मौजूद रहे। बैठक उत्तरी ब्लॉक में गृह मंत्रालय में आयोजित की गई थी।
कोरोना पॉजिटिव को पहले COVID सेंटर जाना होगा
गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में दिल्ली में COVID कंटेनमेंट रणनीति पर डॉ पॉल समिती ने रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट के अनुसार कंटेनमेंट जोन्स का नए सिरे से परिसीमन हो, इनकी सीमा पर और इनके अंदर की गतिविधियों पर सख्ती से निगरानी और नियंत्रण रखा जाए। बैठक में गृह मंत्रालय की ओर से कई अहम फैसले लिए गए हैं। सभी कोरोना पॉजिटिव मामलों को पहले COVID सेंटर जाना होगा और जिन लोगों के घरों में उपयुक्त व्यवस्था है और जो किसी अन्य को-मोरबिडिटी से ग्रस्त नहीं है उन्हें होम आइसोलेशन में रखा जाए। कितने लोगों को होम आइसोलेशन में रखा गया है, इसकी जानकारी भारत सरकार को दी जाए।
मृतकों का आकलन कर बताए दिल्ली सरकार
इसके अलावा केंद्र ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि वह कोरोना मृतक का आकलन कर बताए कि उसे कितने दिन पहले कहां से अस्पताल लाया गया था। यदि वह होम आइसोलेशन में था, तो उसे सही समय पर लाया गया था या नहीं। इसके अलावा गृह मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि सभी संक्रमित व्यक्तियों की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग और क्वारंटाइनिंग करने के लिए आरोग्य सेतु और इतिहास एप का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। कंटेनमेंट जोन्स के बाहर प्रत्येक घर की सूची लगाई जाए। कोविड मरीजों को अस्पताल, कोविड सेंटर या होम आइसोलेशन में रखा जाए।
दिल्ली सरकार ने जारी की गाइडलाइंस
दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामले के साथ दिल्ली सरकार ने आइसोलेशन को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की है। इसमे कहा गया है कि अगर कोरोना मरीज की स्थिति गंभीर है और उनमें संक्रमण के लक्षण बेहद कम है तो उन्हें फौरन मेडिकल इलाज के लिए भेजा जाएगा। अगर मरीज में लक्षण बेहद कम है और स्थिति गंभीर नहीं है तो उसे होम आइसोलेशन के लिए भेजा जाएगा। हालांकि इसके लिए मेडिकल टीम मरीजों की सहमति लेगी। अगर मरीजों ने कोविड सेंटर जाने की सहमति जताई तो कोरोना पॉजिटिव मरीजों को वहां भेजा जाएगा।
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