अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए 80 फीसदी बेड आरक्षित करने पर रोक के फैसले को चुनौती देगी दिल्ली सरकार
दिल्ली एचसी ने निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए 80 फीसदी बेड आरक्षित करने के फैसले पर लगाई रोक
नई दिल्ली। कोरोना का प्रकोप देश में बढ़ता ही जा रहा है। देश में अब तक 55 लाख से अधिक लोग कोरोना का शिकार हो चुके हैं। हालांकि राहत की बात ये है कि पिछले तीन दिनों में कोरोना का रिकवरी रेट बहुत बेहतर दर्ज हुआ है। यानी कि कोरोना से ठीक होने वालों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। वहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार के उस आदेश को खारिज कर दिया है जिसमें केजरीवाल सरकार ने दिल्ली शहर के निजी अस्पतालों को कोरोना मरीजों के लिए 80 फीसदी आईसीयू बेड आरक्षित रखने का आदेश दिया था। वहीं अब दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा आज के फैसले को हम चुनौती देंगे।

दिल्ली हाई कोर्ट ने निजी अस्तापालों द्वारा दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए दिल्ली सरकार के 13 सितंबर को दिए गए आदेश पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार का 13 सितंबर का आदेश पहली नजर में मनमाना, अनुचित एवं नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। कोर्ट ने आईसीयू बिस्तर आरक्षित रखने के आदेश को खारिज करने की 'पर दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।
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बता दें 13 सितंबर को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के सभी प्राइवेट अस्पतालों को आदेश जारी किया था कि वो COVID-19 मरीजों के लिए ICU बेड का 80% आरक्षित रखेंगे लेकिन कोर्ट ने अगली सुनवाई तक इस रोक लगा दी है। दिल्ली हाईकोर्ट ने 33 बड़े निजी अस्पतालों में कोविड-19 मरीजों के लिए 80 प्रतिशत आईसीयू बिस्तर रिजर्व रखने के केजरीवाल सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है।












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