समलैंगिक विवाह को मान्यता देने की याचिका पर कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार से मांगा जवाब
नई दिल्ली। समलैंगिक विवाह को मान्यता देने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। दरअसल दो समलैंगिक कपल्स ने कोर्ट में अपनी विवाह को मान्यता देने के लिए याचिका दायर की है, इनका कहना है कि औपचारिक तौर पर उनके विवाह को स्वीकार नहीं किया जाना भारत के कानून के तहत संवैधानिक अधिकारों का हनन है। जस्टिस राजीव सहाय और जस्टिस आशा मेनन ने इस मामले में केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई 8 जनवरी 2021 को होगी।

बता दें कि कोर्ट में पहली याचिका मानसिक स्वास्थ विशेषज्ञ कविता अरोड़ा, अंकिता खन्ना की ओर से दायर की गई थी। दोनों का कहना था कि वह पिछले आठ वर्षों से लिव इन रिलेशन में रह रही हैं और दोनों एक दूसरे से प्यार करती हैं, लेकिन दोनों विवाह नहीं कर सकती हैं क्योंकि वो समान लिंग की हैं। दूसरी याचिका वैभव जैन और पराग मेहता की ओर से दायर की गई है। वैभव भारत के रहने वाले हैं जबकि पराग अमेरिका में रहते हैं दोनों ने अमेरिका में 2017 में विवाह कर लिया था। लेकिन भारतीय दूतावास ने इस विवाह को रजिस्टर करने से इनकार कर दिया था। वैभव व पराग 2012 से साथ रह रहे हैं और उन्हें उनके परिवार व दोस्तों का साथ मिला है। दोनों का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान उन्हें एक साथ शादीशुदा जोड़े की तरह भारत की यात्रा नहीं करने दिया गया।












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