हिंसा पर दिल्ली पुलिस को हाईकोर्ट की फटकार, कहा- कार्रवाई के लिए हमारे आदेश का इंतजार मत कीजिए
नई दिल्ली। दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले में हिंसा की घटनाओं में 20 लोगों की मौत हो गई जबकि 200 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। हिंसाग्रस्त जाफराबाद, मौजपुर, करावल और चांदबाग में कर्फ्यू लगा दिया गया है और इलाके में भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। नॉर्थ-ईस्ट हिंसा को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी, जिसपर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के कमिश्नर को नोटिस जारी किया है।

दिल्ली हाईकोर्ट में इस मामले में दोपहर 12:30 बजे सुनवाई होगी। हाईकोर्ट ने सुनवाई के वक्त पुलिस के वरिष्ठ अफसरों को कोर्टरूम में मौजूद रहने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि ये मामला बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए इस पर आज ही सुनवाई होनी चाहिए। कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि पुलिस को अदालत के निर्देश का इंतजार नहीं करना चाहिए और खुद ही कार्रवाई करनी चाहिए।
बुधवार को हिंसाग्रस्त इलाकों में हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल को दिल्ली में शांति बहाल करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके पहले, हिंसा के एक मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में आधी रात को सुनवाई हुई। जस्टिस एस. मुरलीधर के घर पर मंगलवार देर रात हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को मुस्तफाबाद के एक अस्पताल से एंबुलेंस को सुरक्षित रास्ता और मरीजों को सरकारी अस्पताल में शिफ्ट करने का निर्देश जारी किया है और इसके साथ ही स्टेटस रिपोर्ट तलब की थी।
दिल्ली के हालात का जायजा लेने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल मंगलवार देर रात हिंसा प्रभावित इलाकों में पहुंचे। उन्होंने गाड़ी में बैठकर सीलमपुर, भजनपुरा, मौजपुर, यमुना विहार जैसे हिंसा प्रभावित इलाकों की स्थिति का जायजा लिया। डोवाल आज पीएम मोदी और केंद्रीय कैबिनेट को हिंसा से जुड़ी जानकारी देंगे। दिल्ली में हालात सामान्य करने और शांति बहाली की जिम्मेदारी डोवाल को सौंपी गई है। पुलिस ने हिंसा के मामलों में 11 एफआईआर दर्ज की है। उत्तर पूर्वी दिल्ली में एक महीने के लिए धारा 144 लगा दी गई है।












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