ब्लैक फंगस की दवा पर टैक्स को लेकर दिल्ली HC का केंद्र से सवाल, एंफोटेरेसिन के ड्यूटी फ्री आयात को दी इजाजत
ब्लैक फंगस की दवा पर टैक्स को लेकर दिल्ली HC ने केंद्र से किया सवाल, एंफोटेरेसिन बी के ड्यूटी फ्री आयात को दी इजाजतदिल्ली हाईकोर्ट ने दी ब्लैक फंगस की दवा के ड्यूटी फ्री आयात की इजाजत
नई दिल्ली, 27 मई: ब्लैक फंगस के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की किल्लत को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई की है। अदालत ने ब्लैक फंगस में दी जा रही एंफोटेरेसिन-बी के ड्यूटी फ्री आयात को इजाजत दी है। अदालत ने दवा पर सीमा शुल्क में केंद्र के छूट दिए जाने पर अंतिम फैसला लेने तक आयातकों को अनुबंध पत्र प्रस्तुत करने पर यह राहत देने का निर्देश दिया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने ये भी कहा कि केंद्र को कम से कम एक तय समय के लिए कस्टम ड्यूटी और अन्य टैक्स में छूट पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

जस्टिस विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की बेंच ने केंद्र सरकार से सवाल किया है कि ब्लैक फंगस की दवाइयों पर इम्पोर्ट ड्यूटी इतनी ज्यादा क्यों हैं, जबकि यही दवाई जान बचाने के काम में आ रही है। अदालत ने केंद्र सरकार को कहा कि ऐसी दवाइयों पर से कस्टम ड्यूटी या इंपोर्ट ड्यूटी हटा देनी चाहिए। जबतक देश में इन दवाइयों की कमी है., कम से कम तक तक तो इंपोर्ट ड्यूटी ना ली जाए।
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अदालत ने ब्लैक फंगस के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा के ड्यूटी फ्री इंपोर्ट का निर्देश देते हुए कहा है कि जब तक केंद्र इस पर निर्णय नहीं ले लेता, तब तक कोर्ट के आदेश के तहत दवा को ड्यूटी फ्री आयात किया जाता है। एंफोटेरेसिन-बी को कोई भी आयात कर सकता है। अगर कोई व्यक्ति दवा को इंपोर्ट करता है तो उसे इसके लिए बॉन्ड देना होगा। कोर्ट ने अपने फैसले को लेकर कहा कि आज जिंदगियों को बचाने के लिए ये कदम उठाना जरूरी है।
बता दें कि हाल के दिनों में म्यूकरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस) में दिए जाने वाले एंफोटेरेसिन-बी इंजेक्शन की काफी किल्लत देखी जा रही है। जिसके चलते इसकी कालाबाजारी भी हो रही है। लोगों को दोगुनी कीमतों पर इसे खरीदना पड़ रहा है।












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