नीलगाय, बंदर और सुअर मारने के केंद्र के फैसले के खिलाफ दायर याचिका दिल्ली HC से खारिज
नई दिल्ली। हाई कोर्ट ने शुक्रवार को जंगली सुअर, नील गाय और बंदरों को मारने को लेकर दिए गए सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकार के पक्ष को सही ठहराया।

याचिका में कहा गया था कि सरकार के आदेश के मुताबिक जिन जंगली जानवरों को मारने का आदेश दिया गया है वे संरक्षित वन्य जीव की श्रेणी में आते हैं। लेकिन फसलों की सुरक्षा के नाम पर इन्हें मारा जा रहा है। याचिका में सरकार के फैसले पर फिर से विचार करने की मांग की गई थी। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने केंद्र सरकार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से इस पर जवाब तलब किया था।
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केंद्र सरकार का जवाब सुनकर दिया आदेश
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कोर्ट में कहा कि उत्तराखंड, बिहार और हिमाचल में जिन तीन जानवरों को मारने का आदेश दिया गया है वो लोगों के साथ ही उनकी फसलों के लिए भी मुसीबत बन रहे हैं। इनकी वजह से न सिर्फ लोग मर रहे हैं बल्कि उनकी फसलों को भी भारी नुकसान हो रहा है। सरकार का पक्ष सुनने के बाद कोर्ट ने फैसले को सही ठहराते हुए याचिका खारिज कर दी।
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6 महीने में 500 से ज्यादा नीलगायों को मारा गया
बता दें कि बीते छह महीनों में बिहार में 500 से ज्यादा नील गायों को मारा जा चुका है जबकि उत्तराखंड में सुअरों और हिमाचल में बंदरों को मारा जा रहा है।












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