दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल सरकार से पूछा- कोवैक्सीन की दूसरी डोज नहीं दे सकते तो क्यों शुरू किया वैक्सीनेशन?
नई दिल्ली, जून 02: कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच देश में वैक्सीनेशन जारी है। अधिकतर राज्यों को इस समय वैक्सीन की कमी का सामना करना पड़ रहा है। राजधानी दिल्ली भी कोरोना वैक्सीन की कमी से जूझ रही है। इसी बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने वैक्सीन को लेकर दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि जब आप तय वक्त में कोवैक्सीन की दूसरी डोज नहीं दे सकते तो वैक्सीनेशन सेंटर शुरू ही क्यों किए?

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कोर्ट में दायर इन याचिकाओं में माँग की गई थी कि जिन लोगों को कोवैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है, उन्हें तय समय पर दूसरी डोज भी लगाई जाए। इन्हीं याचिका पर हाई कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। दिल्ली सरकार से न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है कि क्या वो 6 सप्ताह की समय सीमा के भीतर कोवैक्सीन लेने वाले लोगों को इसकी दूसरी खुराक मुहैया करा सकते हैं?
दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि यदि आप सुनिश्चित नहीं थे कि आप दूसरी खुराक भी दे सकते हैं तो आपने (दिल्ली सरकार) इसे (टीकाकरण) क्यों शुरू किया? आपको रुक जाना चाहिए था। महाराष्ट्र रुक गया जब उसे लगा कि वह दूसरी खुराक नहीं दे सकता। आपने हर जगह इतने धूमधाम से कितने टीकाकरण केंद्र खोले और अब आप कहते हैं कि आपको पता नहीं है कि दूसरी खुराक का स्टॉक कब उपलब्ध होगा।
कोर्ट ने इस मामले में दायर दो याचिकाओं के संबंध में केंद्र सरकार को भी नोटिस जारी किया। कोर्ट ने केंद्र से कहा कि राजधानी दिल्ली में कोविशील्ड और कोवैक्सीन की दूसरी खुराकें उपलब्ध कराई जाएँ। दिल्ली सरकार के वैक्सीनेशन बुलेटिन के मुताबिक, राजधानी में अब तक 54.09 लाख लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी हैं। इनमें से 41.85 लाख को पहली और 12.24 लाख को दोनों डोज लग चुकी हैं।












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