दिल्ली में आप का कार्यकाल 'बुरे सपने की तरह था': अरूण जेटली

चालाकी दिखाई, प्रशासन नहीं
जेटली ने लिखा है कि 'आप' के नेताओं ने सिर्फ लाभ अर्जित करने के लिए चालाकी दिखाई, उन्हें बहुमत नहीं मिला फिर भी उन्होने कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाई जबकि सबसे बड़ी पार्टी भाजपा थी। लोकप्रियता को आधार बनाकर सत्ता में आने वाले इन लोगों ने प्रशासन की जगह आंदोलन का रास्ता अपनाया, इन लोगों ने न तो दिल्ली में पानी सप्लाई बढ़ाने का प्रयास किया, न ही नये स्कूल और कॉलेज खोले, न ही दिल्ली में तकनीकी संस्थाओं की संख्या को बढ़ाया और न ही मेट्रो सुविधा को और बढ़ाने का प्रयास किया। इस दौरान न तो शहर में फ्लाईओवर बनाने की बात की गई और न ही सड़कों की हालत सुधारने के लिए एक बार भी कहा गया।
यह सरकार क्षणिक लोकप्रियता के आधार पर आयी, अपने 49 दिनों के कार्यकाल में सरकार ने गृहमंत्री, उपराज्यपाल, पुलिस कमिश्नर और अफ्रीकी महिलाओं के खिलाफ आंदोलन किया। इन लोगों ने झूठ को बढ़ावा दिया और काल्पनिक दुश्मन मानकर प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने उद्दंडता का परिचय देते हुए खुद के अलावा हर किसी को बेईमान कहा। सरकार आने के बाद से ही प्रतिदिन इनकी लोकप्रियता कम होती गई।
जिसके बाद इसके नेताओं ने खुद ही सरकार गिराने का फैसला किया। खास बात है कि जन लोकपाल बिल का कंटेट केंद्रीय कानून से अलग नहीं था फिर भी इसे बिल्कुल अलग बताकर इसका प्रचार किया गया और इसे आधार बना कर मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दे दिया। लोकप्रियता और झूठ का अधार बनाकर सत्ता में आयी सरकार ने उन लोगों के भरोसे को भी तोड़ा जिन्होने वैकल्पिक राजनीति का सपना देखा था।












Click it and Unblock the Notifications