दिल्ली में 1.4 लाख चीनी सीसीटीवी कैमरे बदले जाएंगे
शहर भर में स्थापित 1.4 लाख चीनी निर्मित सीसीटीवी कैमरों को बदलने की दिल्ली सरकार की योजना, सुरक्षा को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री परवेश साहिब सिंह ने बुधवार को इस फैसले की घोषणा की, जिसमें अद्यतन प्रणालियों की आवश्यकता पर बल दिया गया जो वर्तमान तकनीकी मानकों को पूरा करती हैं और बेहतर डेटा सुरक्षा प्रदान करती हैं।

PWD ने दिल्ली में लगभग 2.8 लाख कैमरे लगाए हैं, जिसमें से 1,40,000 सितंबर 2020 और नवंबर 2022 के बीच स्थापना के पहले चरण के दौरान चीनी फर्म हिकविजन से खरीदे गए थे। शेष 1,34,389 कैमरे जून 2025 और मार्च 2026 के बीच स्थापित किए गए थे। सरकार का लक्ष्य हाल के निर्देशों और व्यापक सुरक्षा विचारों के अनुरूप इन चीनी कैमरों को चरणबद्ध तरीके से हटाना है।
सरकार का रुख
मंत्री सिंह ने पिछली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की आलोचना की कि उन्होंने चीनी निर्मित कैमरों के उपयोग के सुरक्षा निहितार्थों पर विचार नहीं किया। उन्होंने कहा कि पूरे शहर में ऐसी प्रणालियों को तैनात करने में राष्ट्रीय सुरक्षा का चुनाव करना शामिल है, जिसे आप सरकार ने कथित तौर पर पहचानने में विफल रही। सरकार ने पहले ही पहले चरण में 50,000 चीनी कैमरों को बदलने की मंजूरी दे दी है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
आप दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मंत्री पर सुरक्षा चिंताओं का उपयोग अपने पसंदीदा कंपनियों को नए अनुबंध देने के बहाने के रूप में करने का आरोप लगाकर जवाब दिया। उन्होंने बताया कि हिकविजन कैमरों का उपयोग कई केंद्रीय सरकारी परियोजनाओं में किया जाता है, जिसमें सार्वजनिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मेट्रो सिस्टम भी शामिल हैं। भारद्वाज ने सवाल उठाया कि अगर राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी वास्तविक चिंताएं हैं तो भारत भर में उनके उपयोग पर व्यापक प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया गया है।
भविष्य की योजनाएं
PWD की योजना सभी पहले स्थापित चीनी कैमरों को एक मजबूत आपूर्ति और सेवा इकोसिस्टम द्वारा समर्थित सुरक्षित और भरोसेमंद प्रणालियों से बदलने की है। इस पहल को बेहतर डेटा सुरक्षा और वर्तमान तकनीकी मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एक सुधारात्मक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
तालिका: सीसीटीवी कैमरा स्थापना चरण
| चरण | समय अवधि | स्थापित कैमरों की संख्या |
|---|---|---|
| चरण 1 | सितंबर 2020 - नवंबर 2022 | 1,40,000 |
| चरण 2 | जून 2025 - मार्च 2026 | 1,34,389 |
यह विकास दिल्ली के शहरी निगरानी के दृष्टिकोण में एक रणनीतिक बदलाव का प्रतीक है, जिसका उद्देश्य विदेशी निर्मित प्रौद्योगिकी से जुड़ी राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं को दूर करते हुए बढ़ी हुई सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करना है।
With inputs from PTI












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