दिल्ली में कोरोना मरीजों के इलाज के बदले नियम, नई SOP हुई जारी
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। अब तक यहां 25 हजार से ज्यादा लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। जिसमें से 659 लोगों की मौत हुई है। कोरोना के मरीजों का सही से इलाज हो, इसके लिए दिल्ली सरकार ने कमर कस ली है। साथ ही नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) भी जारी कर दिया गया है। इस SOP के आधार पर ही अस्पताल मरीजों का इलाज करेंगे और उन्हें सारी सुविधाएं उपलब्ध करवाएंगे। वहीं इसका पालन नहीं होने पर अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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Delhi में Corona Patient के इलाज के नियम बदले, Kejriwal Government ने जारी किए SOP | वनइंडिया हिंदी

ये है कोरोना मरीजों के लिए SOP-
- सरकार ने सभी अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि जैसे ही कोरोना के मरीज आएं, वैसे ही बिना जानकारी मांगे उनको 15 मिनट के अंदर ट्राइएज एरिया में ले जाएं।
- अस्पताल तुरंत मरीज को बैठने की जगह या लेटने के लिए बेड उपलब्ध करवाए। इलाज की आवश्यकता को देखते हुए 60 मिनट के अंदर डॉक्टर मरीज को अटैंड करें।
- ट्राइएज एरिया में मरीजों को कुछ खाने को उपलब्ध करवाया जाए। इस दौरान वहां मौजूद डॉक्टर ये तय करे कि उसका इलाज कैसे करना है। मरीज को तीन घंटे से ज्यादा ट्राइएज में नहीं रखा जा सकता है।
- मरीज की हालत के मुताबिक डॉक्टर उसे वार्ड में एडमिट करवाए। इस दौरान उसे किस लेवल का ट्रीटमेंट दिया जाए, ये तय हो। साथ ही जरूरत के मुताबिक मरीज को एक बेड से दूसरे बेड पर शिफ्ट किया जाए।
- अगर उस अस्पताल में मरीज के इलाज के लायक सुविधाएं नहीं उपलब्ध हैं, तो डॉक्टर उसे दूसरे अस्पताल रेफर करें। जब तक वो दूसरे अस्पताल में भर्ती नहीं हो जाता, तब तक वो अस्पताल उसे चिकित्सा सुविधा प्रदान करता रहेगा।
- अगर मरीज में मामूली लक्षण हैं और उसे भर्ती करने की जरूरत नहीं है, तो उसे घर पर ही होम क्वारंटाइन किया जाए। इसके साथ ही अगर मरीज के घर में क्वारंटाइन लायक जगह नहीं है, तो उसे कोविड केयर यूनिट में शिफ्ट किया जाए। इस दौरान उसे सारी बातें अच्छे से समझायी जाएं।
- अगर मरीज की इलाज के दौरान मौत हो जाती है, तो उसे डिसइंफेक्टेड कर शव गृह तक पहुंचाया जाए।
- अस्पताल या ट्राइएज में अगर मरीज को ऐसा लगता है कि उसकी उचित देखभाल नहीं हो रही, या फिर उसे खाना सही से नहीं दिया जा रहा है, तो वो हेल्पलाइन नंबर पर इसकी शिकायत कर सकता है।
- भर्ती किए गए मरीजों का SOP के तहत इलाज किया जाएगा। इसके साथ ही नवीनतम आदेशों के अनुसार उसकी कोरोना जांच की जाएगी।
- भर्ती मरीजों को सुबह की चाय, नाश्ता, दोपहर का खाना, शाम की चाय, रात का खाना और फल प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही पानी की बोतल लंच और डिनर के साथ दी जाएगी।
- मरीजों को प्रोटोकॉल के हिसाब से ही अस्पातल डिस्चार्ज करेंगे। मौजूदा वक्त में कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर मरीजों को घर भेज दिया जा रहा है।












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