Delhi Election: दिल्ली में BJP के लिए मुसीबत बनेगी NCP? अजित पवार का इरादा क्या है?
Delhi Chunav 2025: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में अजित पवार की एनसीपी ने वहां उनके चाचा शरद पवार की एनसीपी (एसपी) को पछाड़ दिया है। पार्टी 41 सीटें जीत गई है और शरद पवार के गुट की पार्टी महज 10 सीटों पर ही सिमट गई है। इसके बाद फौरन ही अजित पवार ने दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ने का भी एलान कर दिया।
दिल्ली में सरकार बनाने के लिए बीजेपी खुद ही हाथ-पैर मार रही है। लोकसभा चुनावों में वह पिछले दो बार से सभी सातों सीटें जीत रही है। लेकिन,विधानसभा में आम आदमी पार्टी के दबदबे के आगे पार्टी लगातार दो बार फेल हो चुकी है। अबकी बार भाजपा को दिल्ली विधानसभा चुनाव से काफी उम्मीदें हैं। लेकिन, महाराष्ट्र में उसकी सहयोगी एनसीपी ने भी यहांचुनाव लड़ने की बात करके राजनीति को दिलचस्प बना दिया है।

एनसीपी को फिर राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिलवाने का है इरादा
अजित पवार और उनकी पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने साफ किया है कि वह अपनी पार्टी को फिर से राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिलवाना चाहते हैं। बता दें कि चुनाव आयोग ने पिछले साल ही मानक पूरा नहीं कर पाने की वजह से एनसीपी से राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा छीन लिया था।
इसे भी पढ़ें- Delhi Assembly Election: BJP की कैंडिडेट लिस्ट से पहले क्यों चर्चा में हैं प्रमोद गुप्ता?
राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा पाने के लिए NCP को क्या चाहिए?
दरअसल, किसी पार्टी को तब राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिलता है, जब वह तीन शर्तों में से कम से कम एक पूरा करते हैं-
पहला- जब वह लोकसभा या विधानसभा चुनावों में कम से चार या ज्यादा राज्यों में डाले गए मतों का 6% प्राप्त करते हैं और इसके कम से कम 4 लोकसभा सांसद हों।
दूसरा- इसके पास कम से कम 2% लोकसभा सीटें हों और वह कम से कम तीन राज्यों से जीतकर आए हों;और
तीसरा- कम से कम चार राज्यों में उन्हें राज्य स्तरीय पार्टी का दर्जा प्राप्त हो।
तीसरी शर्त पूरा करने की कोशिशों में जुटी एनसीपी
एनसीपी के लिए फिलहाल पहली दो शर्तें पूरा कर पाना तो दूर की कौड़ी है। वह तीसरी शर्त पूरा करने की कवायद में जुटी हुई। इसी इरादे के साथ एनसीपी दिल्ली चुनाव लड़ना चाहते हैं।
एनसीपी को कहां प्राप्त है राज्य स्तरीय पार्टी का दर्जा?
पार्टी महाराष्ट्र में अब तीसरी सबसे महत्वपूर्ण पार्टी है। उसने राज्य में 41 सीटें जीती हैं और उसका वोट शेयर 9.01% है। नगालैंड में उसके 7 एमएलए (9.56% वोट शेयर) और अरुणाचल प्रदेश में 3 एमएलए (10.43% वोट शेयर) हैं।
इसलिए अजित पवार और उनकी पार्टी को उम्मीद है कि अगर चौथे राज्य में भी वह अपने प्रदर्शन के जरिए राज्य स्तरीय पार्टी का दर्जा हासिल कर लें तो उसे फिर से राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल सकता है।
एनसीपी के लिए अभी दिल्ली दूर है!
लेकिन, एनसीपी के लिए फिलहाल दिल्ली बहुत दूर लग रही है। ऐसा नहीं है कि पार्टी ने पहले बार ही दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की है। यह 1998 में अपने गठन के बाद 2003 से ही यहां सभी विधानसभा चुनाव लड़ रही है, लेकिन उसे कभी भी यहां राज्य स्तरीय पार्टी का दर्जा नहीं मिला है।
दिल्ली में पिछले तीन चुनावों से बेहद शर्मनाक प्रदर्शन
2020 में पार्टी 5 सीटों पर लड़ी और उसे सिर्फ 0.02% वोट मिले। 2015 में 9 पर लड़ी और तब भी मात्र 0.02% वोट मिले। 2013 में भी इसने 09 प्रत्याशी उतारे और 0.11% वोट जुटा सकी।
2003 में दिल्ली में एक सीट जीती थी एनसीपी
पार्टी का सबसे अच्छा प्रदर्शन 2003 में रहा था। तब पार्टी 33 सीटों पर लड़ी थी और उसे 1 सीट मिली भी थी। तब इसका वोट शेयर 2.24% रहा था।
लेकिन, 2008 से इसका प्रदर्शन खराब होना शुरू हुआ, जो लगातार बिगड़ता ही गया। तब वह 16 पर लड़ी थी और इसे 1.38% वोट मिले। अलबत्ता दो सीटों पर जमानतें जरूर बचा ली। लेकिन, 2013 के बाद से जो प्रदर्शन खराब हुआ, वह फिर कभी नहीं सुधरा। पहले दो चुनावों के बाद कभी भी दिल्ली में पार्टी के किसी प्रत्याशी की जमानत नहीं बची।
बीजेपी के लिए एनसीपी के मुसीबत बनने की संभावना नहीं
ऐसी स्थिति में वह बीजेपी के लिए कोई मुसीबत बनेगी, ऐसा कहना बहुत ही मुश्किल है।
इसे भी पढ़ें- Maharashtra: क्या थी 12,000 बूथ वाली रणनीति, जिससे BJP ने महाराष्ट्र में जीती अबतक की सबसे ज्यादा सीट?
एनसीपी के लिए दिल्ली क्यों है दूर की कौड़ी?
जहां तक प्रदेश स्तर की पार्टी का दर्जा प्राप्त करने का सवाल है तो इसके लिए फिलहाल उसे निम्म शर्तें पूरी करनी होंगी-
विधानसभा चुनाव में कम से कम 6% वोट हासिल करे और इसके अलावा कम से कम 2 सीटें जीते। या फिर कम से कम 3 सीटों पर जीत दर्ज करे।
-
LPG Gas Booking Number: इंडेन, भारत गैस और HP गैस सिलेंडर कैसे बुक करें? जानें सरकार की नई गाइडलाइन -
ICC के चाबुक से घायल हुए अर्शदीप सिंह, जीत के नशे में चूर सरदारजी को मिली कड़ी सजा -
LPG ग्राहकों के लिए अलर्ट! तुरंत कराएं e-KYC, नहीं तो कट जाएगा गैस कनेक्शन, जानें स्टेप बॉय स्टेप प्रॉसेस -
वर्ल्ड कप जीत के बाद ट्रेन से घर पहुंचा भारतीय क्रिकेटर, टिकट चेक में लगभग पकड़ा गया, बीवी ने झूठ बोल बचाया -
Weather Delhi NCR: दिल्ली में मौसम का डबल अटैक! अगले 72 घंटों में आने वाला है नया संकट, IMD का अलर्ट -
Rahul Gandhi Wedding Visit: कौन है दुल्हन तनु, जिसकी शादी में पहुंचे राहुल गांधी? तोहफे में क्या-क्या दिया? -
Gold Rate Today: जंग के बीच भारत में लगातार सस्ता हो रहा सोना, इतना गिरा भाव, अब क्या है 22k, 18K गोल्ड का रेट -
Balen Shah Caste: पिता मधेशी और मां पहाड़ी, आखिर किस जाति से हैं बालेन शाह, इंटरनेट पर क्यों हो रहा विवाद? -
धोनी ने उड़ाया मजाक, तो अब आया गौतम गंभीर का बेबाक जवाब, हेड कोच ने किया कभी नहीं हंसने का खुलासा -
Hansika Motwani Divorce: 4 साल में ही इन 4 गलतियों से टूटी हंसिका की शादी? कितनी Alimony मिली-कितने बच्चे? -
Love Story: IFS की ट्रेनिंग के दौरान हिंदू लड़की को दिल दे बैठे थे Hardeep Puri, शादी लिए मिली थी धमकी -
जीत के बाद भी टीम इंडिया से वापस ली जाएगी T20 World Cup की ट्रॉफी? सामने आई बड़ी वजह, फैंस हैरान












Click it and Unblock the Notifications