2018 में दिल्ली में गंभीर और महिलाओं के खिलाफ अपराध घटे: दिल्ली पुलिस
2018 में दिल्ली में गंभीर और महिलाओं के खिलाफ अपराध घटे: दिल्ली पुलिस
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में गंभीर अपराधों में 11.72 फीसदी की कमी आई है। दिल्ली पुलिस ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसको लेकर आंकड़े जारी किए हैं। इसमें दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने दावा किया है कि अपराधियों पर काबू किया गया है और अपराध की वारदातों में कमी दर्ज की गई है। वहीं महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी कमी आई है।

डकैती, हत्या, जानलेवा हमला, लूट, दंगे और अपहरण को गंभीर अपराध माना गया है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 2016 में इस तरह के गंभीर अपराधों की संख्या 7911 थी। 2017 में इस तरह के अपराधों के 6125 मामले दर्ज हुए। वहीं 2018 में इनमें और कमी आई। 2018 में इन गंभीर अपराधों के 5407 मामले सामने आए।
दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 2018 में 5787 मामले दर्ज किए गए। 2017 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 5955 केस दर्ज हुए थे। दिल्ली पुलिस ने हिम्मत ऐप और दूसरे कई ऐसे प्रोग्राम शुरू किए, जिससे महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कमी आई और महिलाएं भी जागरुक हुईं।
रेप के मामलों में 0.78 फीसदी की कमी 2018 में आई है। रेप के 880 केस में (43.47 फीसदी) मामलों में महिला के दोस्त या पारिवारिक मित्र ही आरोपी हैं। लिव-इन और शादी का झांसा देकर रेप के मामलों में 650 केस सामने आए। रेप के कुल मामलों में अनजान लोगों के द्वारा रेप के 2.50 फासदी मामले दर्ज किए गए।
दिल्ली में हत्या के 2018 में (15 दिंसबर तक) 477 मामले दर्ज हुए। 2017 में ये संख्या 487, 2016 में 528 और 2015 में 570 थी। हत्या के मामलों में 21 फीसदी मामले अचानक छोटी-मोटी बातों पर मर्डर हुए। 38 फीसदी मामले दुश्मनी के और 11 फीसदी में दूसरे किस्से सामने आए।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि आईपीसी क्राइम 2018 में 6.01 फीसदी बढ़े हैं। 2018 में 23,6476 केस दर्ज हुए। 2017 में 22,3077 और 2016 में 19,9107 केस दर्ज हुए थे।
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि हमारी हमेशा से यह कोशिश रही है कि दिल्ली के नागरिकों की सुरक्षा में पूरी तरह से तत्पर रहे। इसके लिए कई स्कीम भी चलाई जा रही हैं। 2019 में भी पुलिस को आधुनिक बनाने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए कई तरह से काम किया जा रहा है।












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