मानहानि केस: कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ जारी गैर ज़मानती वारंट किया रद्द

नई दिल्ली: दिल्ली की अदालत ने बुधवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव को बड़ी राहत दी। कोर्ट ने इनके खिलाफ जारी गैर ज़मानती वारंट पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने इन तीनों को साल 2013 में दायर एक आपराधिक मानहानि केस में पेश ना होने पर गैर ज़मानती वारंट जारी किया था। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने तीनों नेताओं के वकीलों के गैर ज़मानती वारंट जारी रद्द करने की मांग के बाद ये आदेश पारित किया।

'29 अप्रैल को सुनवाई'

'29 अप्रैल को सुनवाई'

कोर्ट ने कहा कि वो इस मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल को करेगी। सुरेंद्र कुमार शर्मा नाम के शख्स ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि 2013 में आप के वालंटियर्स ने उनसे दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए संपर्क करते हुए कहा था कि वो पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। आम आदमी पार्टी के संयोजक उनकी सामाजिक सेवाओं से खुश थे। उन्होंने मनीष सिसोदिया और योगेंद्र यादव के कहने पर चुनाव लड़ने के लिए आवेदन भरा था। आप की राजनीतिक मामलों की समिति ने भी उन्हें टिकट देने का फैसला किया था। लेकिन बाद में उन्हें मना कर दिया गया।

'मेरी प्रतिष्ठा को किया कम'

'मेरी प्रतिष्ठा को किया कम'

14 अक्टूबर 2013 को शिकायतकर्ता ने दावा किया कि प्रमुख अखबारो में छपे लेखों में इन नेताओं द्वारा उनके खिलाफ अपमानजनक, गैरकानूनी और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया इसने उनकी समाज में प्रतिष्ठा को कम किया। वहीं शिकायत का विरोध करते हुए आप नेताओं ने कहा कि चुनाव में टिकट को रद्द करना या आवंटित करना पार्टी का विशेषाधिकार है। शिकायतकर्ता ने उसके खिलाफ लंबित मामलों की सही जानकारी नहीं दी थी।

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'कोर्ट ने तीनों को उपस्थित होने को कहा'

'कोर्ट ने तीनों को उपस्थित होने को कहा'

शिकायतकर्ता की शिकायत के आधार पर ट्रायल कोर्ट ने इन लोगों को पेश होने को कहा था। हालांकि उनके खिलाफ समन जारी होने के बाद कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और योगेंद्र यादव को जमानत दे दी थी। कोर्ट द्वारा इन तीनों को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 499, 500 (मानहानि) और 34 (सामान्य आशय) के तहत समन जारी किया गया था। कोर्ट ने कहा था कि आरोपियों को तलब करने के लिए प्रथम दृष्टया सामग्री थी।

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