Earthquake: कब मचाई थी भूकंप ने सबसे ज्यादा तबाही, कहां मिले थे पहले साक्ष्य? पढ़े इससे जुड़े सभी सवालों के जवाब
Earthquake: आज दिल्ली में भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने हाल ही में दिल्ली-एनसीआर में आए भूकंप की तीव्रता 4.0 मापी है। यह भूकंप दिल्ली के नजदीक केंद्रित था, जिससे इलाके में जोरदार झटके महसूस किए गए। भूकंप का एपिसेंटर दिल्ली में ही था और इसकी उत्पत्ति पृथ्वी की सतह से केवल 5 किमी गहरे स्थान से हुई।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बाद बिहार में भी धरती कांपी। बिहार के सिवान जिले में भूकंप का केंद्र था। भूकंप की तीव्रता 4.0 मापी गई है। दिल्ली में आए भूकंप के झटकों के साथ-साथ धरती के अंदर गड़गड़ाने की आवाज भी सुनाई दी, जो भूकंप के तीव्रता का प्रमाण है। आइए जानते हैं दुनिया के सबसे शक्तिशाली भूकंप के बारे में साथ ही भूकंप से जुड़ी अन्य दिलचस्प बातें।

भूकंप का इतिहास
भूकंप का पहला ज्ञात साक्ष्य चीन के शांदोंग प्रांत से 1831 ईसा पूर्व प्राप्त हुआ था। यह भूकंप दुनिया का पहला रिकॉर्डेड भूकंप माना जाता है। इसके बाद भूकंपों के कई खतरनाक और विनाशकारी मामले सामने आए। दुनिया का सबसे शक्तिशाली भूकंप 22 मई 1960 को चिली में आया था, जिसकी तीव्रता 9.5 मेगावाट मापी गई थी। यह भूकंप इतना शक्तिशाली था कि पूरे क्षेत्र में भारी तबाही मच गई थी।
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अमेरिका में भी भूकंपों के प्रभाव को महसूस किया गया है। 28 मार्च 1964 को, संयुक्त राज्य अमेरिका के अलास्का के प्रिंस विलियम साउंड में 9.2 तीव्रता का भूकंप आया था, जो देश का सबसे बड़ा भूकंप माना जाता है।
भूकंप के कारण और उत्पत्ति
भूकंप टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल से होते हैं। पृथ्वी की सतह 12 टेक्टोनिक प्लेटों पर टिकी हुई है, जो बहुत धीमी गति से हिलती रहती हैं। जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं या खिसकती हैं, तो ऊर्जा का उत्सर्जन होता है, जिसके परिणामस्वरूप भूकंप के झटके महसूस होते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह प्लेटें हर साल 4 से 5 मिलीमीटर तक अपनी स्थिति बदलती हैं, और कभी-कभी ये प्लेटें आपस में फंस जाती हैं, जिससे अचानक ऊर्जा रिलीज होती है और भूकंप के झटके आते हैं।
भूकंप का केंद्र, जिसे हाइपोसेंटर कहा जाता है, वह बिंदु होता है जहां पृथ्वी की सतह के नीचे चट्टानों में तनाव के कारण टूट-फूट होती है। यही वह स्थान है जहां से ऊर्जा वेव्स के रूप में बाहर निकलती है, जिससे भूकंप के झटके महसूस होते हैं। भूकंप का एपिसेंटर वह स्थान होता है जो हाइपोसेंटर के ठीक ऊपर पृथ्वी की सतह पर स्थित होता है।
भूकंप के आंकड़े और भविष्यवाणी
दुनिया में हर साल करीब 500,000 भूकंप आते हैं, जिनमें से लगभग 1 लाख भूकंपों को महसूस किया जा सकता है, और उनमें से लगभग 100 भूकंप ऐसे होते हैं, जो नुकसान पहुंचाते हैं। हालांकि, भूकंप की भविष्यवाणी करना फिलहाल संभव नहीं है। वैज्ञानिकों ने यह तो पता कर लिया है कि भूकंप क्यों आते हैं, लेकिन यह बताना मुमकिन नहीं कि कब पृथ्वी की चट्टानें टूटेंगी और कब भूकंप आएगा।
भारत के भूकंप जोन
भारत को चार भूकंपीय जोन में बांटा गया है - जोन 2, जोन 3, जोन 4 और जोन 5। इनमें से जोन 5 सबसे खतरनाक है, जहां बड़े भूकंप का खतरा रहता है। दिल्ली जोन 4 में स्थित है, जिसका मतलब है कि यहां भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है। दिल्ली और आसपास के क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं।
सबसे विनाशकारी भूकंप
भारत में अब तक का सबसे विनाशकारी भूकंप 15 जनवरी 1934 को बिहार में आया था। इस भूकंप की तीव्रता 8.1 थी और इसमें करीब 30,000 लोग मारे गए थे। वहीं, हैती में 12 जनवरी 2010 को आए भूकंप में 3,16,000 लोग मारे गए थे, जो अब तक के सबसे अधिक जान-माल के नुकसान वाला भूकंप था।
भूकंप मापने के तरीके
भूकंप की तीव्रता मापने के लिए रिक्टर स्केल और मर्कली स्केल का उपयोग किया जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता की कोई ऊपरी सीमा नहीं है, लेकिन अब तक सबसे बड़ा दर्ज भूकंप 1960 में चिली में आया था, जिसकी तीव्रता 9.5 थी।
चंद्रमा पर भूकंप
चंद्रमा पर भी भूकंप होते हैं, जिन्हें मूनक्वेक (Moonquake) कहा जाता है। हालांकि, ये भूकंप पृथ्वी पर आए भूकंपों की तुलना में कम तीव्र होते हैं और चंद्रमा की सतह और केंद्र के बीच लगभग आधी गहराई पर होते हैं। भूकंप एक ऐसा प्राकृतिक आपदा है, जिसका भविष्यवाणी नहीं की जा सकती, लेकिन वैज्ञानिक इसे समझने और इससे निपटने के उपायों पर लगातार काम कर रहे हैं।
भूकंप FAQs
Q: भूकंप का पहला ज्ञात साक्ष्य कब प्राप्त हुआ था?
➡️: भूकंप का पहला ज्ञात साक्ष्य चीन के शांदोंग प्रांत से 1831 ईसा पूर्व प्राप्त हुआ था।,
Q: दुनिया का सबसे शक्तिशाली भूकंप कब और कहां आया था?
➡️: दुनिया का सबसे शक्तिशाली भूकंप 22 मई 1960 को चिली में आया था, जिसकी तीव्रता 9.5 मेगावाट मापी गई थी।,
Q: भारत के भूकंप जोन कितने हैं और उनमें से सबसे खतरनाक कौन सा है?
➡️: भारत को चार भूकंपीय जोन में बांटा गया है - जोन 2, जोन 3, जोन 4 और जोन 5, और इनमें से जोन 5 सबसे खतरनाक है।,
Q: भूकंप की तीव्रता मापने के लिए कौन से स्केल का उपयोग किया जाता है?
➡️: भूकंप की तीव्रता मापने के लिए रिक्टर स्केल और मर्कली स्केल का उपयोग किया जाता है।,
Q: क्या चंद्रमा पर भी भूकंप होते हैं?
➡️: हाँ, चंद्रमा पर भी भूकंप होते हैं, जिन्हें मूनक्वेक कहा जाता है, लेकिन ये पृथ्वी पर आए भूकंपों की तुलना में कम तीव्र होते हैं।
Q: पहला रिकॉर्डेड भूकंप कब आया था?
➡️: पहला रिकॉर्डेड भूकंप 18 अप्रैल 1906 को सैन फ्रांसिस्को में आया था।,
Q: किस भूकंप में सबसे ज्यादा लोग मारे गए थे?
➡️: 12 जनवरी 2010 को हैती में आए विनाशकारी भूकंप में 3,16,000 लोगों की मौत हो गई थी।,
Q: दिल्ली भूकंप के किस जोन में आता है?
➡️: दिल्ली जोन 4 में स्थित है, जिसका मतलब है कि यहां भूकंप का खतरा बना रहता है।,
Q: भारत में सबसे तेज भूकंप कब आया था?
➡️: भारत में अब तक का सबसे विनाशकारी भूकंप 15 जनवरी 1934 को बिहार में आया था।
Q: क्या भूकंप की भविष्यवाणी संभव है?
➡️: अबतक भूकंप की भविष्यवाणी संभव नहीं है।
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