Delhi AQI: दिवाली पर दमघोंटू हुई दिल्ली की हवा, एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 के पार, क्या अब और बिगड़ेगा हालात?
Delhi AQI on Diwali 2025: दिवाली से पहले ही दिल्ली का आसमान धुएं और धुंध की चादर में लिपट गया है। चारों तरफ स्मॉग की परत और आंखों में चुभन पैदा करने वाला प्रदूषण दिल्लीवालों की सांसें मुश्किल कर रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक पटाखों के धुएं और मौसम के असर से राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 तक पहुंच गया है, जो 'बेहद खराब' श्रेणी में आता है। इससे पहले 19 अक्टूबर शाम तक दिल्ली का औसत AQI 310 तक पहुंच गया था। 18 अक्टूबर को यही स्तर 268 था।
हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी GRAP-2 लागू कर दिया है।
GRAP स्टेज-II लागू होने के बाद दिल्ली में सड़क पर पानी का छिड़काव, निर्माण स्थलों की निगरानी, ट्रैफिक नियंत्रण और डीजल जेनरेटर के इस्तेमाल पर रोक जैसे सख्त कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन ने लोगों से निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन अपनाने और खुले में कचरा न जलाने की अपील की है।

दिल्ली NCR के किस इलाके में कैसा है AQI?
आनंद विहार में सबसे खराब स्थिति दर्ज की गई, जहां AQI 417 रहा, जो 'गंभीर' श्रेणी में आता है। नई दिल्ली में AQI 367 रिकॉर्ड किया गया। गाजियाबाद के विजय नगर में 348, नोएडा सेक्टर-1 में 344 और नोएडा में 341 का स्तर दर्ज किया गया। गुरुग्राम की हवा भी सुरक्षित नहीं है, जहां AQI 283 पहुंच गया है, जो 'खराब' श्रेणी में माना जाता है। कुल मिलाकर पूरा एनसीआर इस समय प्रदूषण की चादर में लिपटा हुआ है।
स्थिति न सुधरने पर GRAP-III लागू हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि दिवाली के दिन और उसके बाद हालात और बिगड़ सकते हैं क्योंकि हवा में ठहराव है और पटाखों से निकलने वाला धुआं लंबे समय तक फंसा रहेगा।
दिवाली पर बढ़ेगा प्रदूषण, 21 अक्टूबर को हालात 'गंभीर' होने की आशंका
दिल्ली के एयर क्वालिटी अर्ली वॉर्निंग सिस्टम (AQEWS) ने चेतावनी दी है कि दिवाली के दिन हवा का स्तर "बहुत खराब" रहेगा, जबकि मंगलवार को यह "गंभीर" (Severe) श्रेणी में जा सकता है। वजह होगी-दिवाली की रात होने वाली आतिशबाजी। विशेषज्ञों के मुताबिक, हवा में नमी और ठहराव के कारण प्रदूषण का असर कई दिनों तक बना रहेगा।
GRAP-2 लागू, अब दिल्ली में कड़े प्रतिबंध
GRAP-2 लागू होने के बाद दिल्ली में कई सख्त कदम उठाए गए हैं। अब डीजल जेनरेटर के इस्तेमाल पर सख्त रोक लगाई गई है, सिर्फ आपात सेवाओं में ही इनका इस्तेमाल हो सकेगा। दिल्ली में बाहर से आने वाली डीजल बसों (BS-VI से नीचे), पेट्रोल और अन्य पुराने वाहनों पर भी पाबंदी बढ़ा दी गई है। पार्किंग फीस में बढ़ोतरी की गई है ताकि लोग निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें।
दिल्ली की हवा में मिला NCR का धुआं
केंद्र सरकार के डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) के आंकड़ों के मुताबिक रविवार को दिल्ली की हवा में 68% प्रदूषण NCR के आसपास के इलाकों से आया। वहीं, स्थानीय स्रोतों से 32% प्रदूषण फैला। यानी दिल्ली के प्रदूषण में NCR के उद्योगों, वाहनों और निर्माण कार्यों का भी बड़ा योगदान है।
पराली जलने से भी बढ़ा प्रदूषण, पंजाब-हरियाणा में बढ़ीं आग
दिल्ली से सटे पंजाब और हरियाणा में भी पराली जलाने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) के मुताबिक, रविवार को पंजाब में 67 पराली आग के मामले दर्ज किए गए, जो इस सीजन का सबसे ज्यादा आंकड़ा है। हरियाणा में भी सात नए केस सामने आए। हालांकि अभी पराली जलाने की संख्या कम है, लेकिन मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अक्टूबर के अंत तक यह तेजी से बढ़ेगी।
पटाखों पर रोक के बावजूद उड़ रही हैं धज्जियां
दिल्ली सरकार और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक इस बार केवल ग्रीन पटाखे ही जलाने की अनुमति दी गई है, वह भी सीमित समय के लिए। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है-कई इलाकों में पारंपरिक पटाखे खुलेआम जलते नजर आए। पुलिस की चेकिंग के बावजूद नियमों का पालन नहीं हुआ। IIT दिल्ली के वायु प्रदूषण विशेषज्ञ प्रो. मुकेश खरे का कहना है कि जब तक हवा में ठहराव और धूप में कमी बनी रहेगी, AQI और खराब होगा।
हर साल दिवाली के बाद जहरीली हो जाती है दिल्ली की हवा
CPCB के पिछले दस सालों के आंकड़े बताते हैं कि दिवाली के अगले दिन दिल्ली का AQI लगभग हर साल 20 से 30 गुना बढ़ जाता है। 2021 में दिवाली के अगले दिन AQI 462 (Severe) तक पहुंच गया था। 2023 में यह दिवाली के दिन 218 (Poor) से बढ़कर अगले दिन 358 (Very Poor) हो गया। इस बार भी हालात कुछ अलग नजर नहीं आ रहे।
दिल्ली के कई इलाकों में हवा की हालत बेहद खराब
रविवार को दिल्ली के 38 एयर मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 24 का AQI "बहुत खराब" दर्ज किया गया। आनंद विहार सबसे प्रदूषित रहा जहां AQI 430 तक पहुंचा। वजीरपुर (375), विवेक विहार (355), दिलशाद गार्डन (352), जहांगीरपुरी (341) और आरके पुरम (329) जैसे इलाकों में भी हालात खराब रहे।
विशेषज्ञ बोले-राहत के आसार नहीं, हवा में रहेगा जहर
मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत (Skymet) के मुताबिक, "दिल्ली में अभी हवा बहुत स्थिर है, जिससे प्रदूषण फैल नहीं पा रहा। अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही मौसम रहेगा, यानी राहत की उम्मीद नहीं है।" वहीं, CSE की डायरेक्टर अनुमिता रॉयचौधरी ने कहा, "अक्टूबर की शुरुआत से ही हवा में पीएम 2.5 का स्तर 1.6 गुना बढ़ चुका है। दिवाली और पराली दोनों मिलकर आने वाले दिनों में हालात और बिगाड़ेंगे।"












Click it and Unblock the Notifications