रक्षा मंत्रालय: भारतीय सेना के लिए किया जाएगा मॉड्यूलर पुलों का निर्माण, L&T के साथ 2585 करोड़ रुपये का अनुबंध
यह अनुबंध पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देगा। रक्षा मंत्रालय ने इस संबंध में एक बयान भी जारी किया है। इसके तहत भारतीय सेना के कोर ऑफ इंजीनियर्स के लिए मॉड्यूलर ब्रिज के 41 सेट का निर्माण किया जाएगा।

Defense Ministry: रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को भारतीय सेना के कोर ऑफ इंजीनियर्स के लिए मॉड्यूलर ब्रिज के 41 सेट के स्वदेशी निर्माण के लिए 2585 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। इन पुलों को डीआरडीओ द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है। डीआरडीओ द्वारा नामित लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) उत्पादन एजेंसी के रूप में निर्मित किया जाएगा।
यह अनुबंध पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देगा। रक्षा मंत्रालय ने इस संबंध में एक बयान भी जारी किया है। इसके तहत भारतीय सेना के कोर ऑफ इंजीनियर्स के लिए मॉड्यूलर ब्रिज के 41 सेट का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए रक्षा मंत्रालय ने एलएंडडी के साथ अनुबंध किया है। बता दें कि एक मॉड्यूलर पुल विभिन्न मॉड्यूल में निर्मित होता है, जिसे क्षेत्र में जल्दी से स्थापिक किया जा सकता है।
वहीं, बजट 2023 रक्षा मंत्रालय के लिए बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिहाज से काफी अहम रहा। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि आवंटन की मात्रा बढ़ने से सरकार को प्रोजेक्ट तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी। सरकार ने बताया कि रक्षा मंत्रालय उत्तरी सीमाओं में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। तदनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 में सीमा सड़क संगठन (BRO) का पूंजीगत बजट 43 प्रतिशत बढ़ाकर 5,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
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रक्षा मंत्रालय ने बताया कि वित्त वर्ष 2022-23 में बीआरओ का बजट 3,500 करोड़ रुपये था। सरकार ने बताया, वित्त वर्ष 2021-22 से दो साल में इस खंड के तहत आवंटन दोगुना हो गया है। इससे सीमावर्ती इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलेगा। सेला सुरंग, नेचिपु सुरंग और सेला-छबरेला सुरंग जैसी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संपत्तियां बनेंगी और सीमा संपर्क भी बढ़ेगा।
दरअसल, रक्षा बजट में ओवरऑल 13 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। आधुनिकीकरण कोष को आवंटन में 6.5 फीसदी की मामूली बढ़ोतरी हुई है। सरकार सेना के लिए लड़ाकू विमान, पनडुब्बी और टैंक सहित प्रमुख हथियार प्रणालियों का बंदोबस्त करने में जुटी है। अत्याधुनिक हथियारों की कमी न होने दी जाए, इस मकसद से रक्षा सेवाओं को आवंटित कुल राशि वित्त वर्ष 2023-24 में पिछले बजट की तुलना में लगभग 13 प्रतिशत अधिक रही।
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