देश के इस राज्य में मौत के दो साल बाद हुआ शिक्षक का ट्रांसफर और प्रमोशन
दिवंगत शिक्षक का ट्रांसफर किए जाने की खबर के बाद शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नई दिल्ली। मौत के 2 साल बाद शिक्षक का ट्रांसफर हुआ इतना ही नहीं उस शिक्षक को प्रमोशन भी किया गया। मामला कहीं और का नहीं बीजेपी शासित प्रदेश राजस्थान का है। इस बड़ी लापरवाही की वजह से शिक्षा विभाग को शर्मसार होना पड़ रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक एक दिवंगत शिक्षक का जयपुर से अजमेर स्थानांतरण कर दिया गया। यही नहीं, मौत के बाद उनकी पदोन्नति भी कर दी गई है। आदेशों के मुताबिक, मोहम्मद जाकिर, जो कि जयपुर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत थे, उनका ट्रांसफर अजमेर के श्रीनगर ब्लॉक स्थित जीएसएसएस गेगल स्कूल में कर दिया गया। हालांकि, जाकिर की मौत 4 अप्रैल 2015 को जयपुर के अंबेर में एक दुर्घटना में हो गई थी।

मामले की होगी जांच
मामला सामने आने के बाद जयपुर निदेशालय में निदेशक ने सफाई दी है। मुकेश कुमार शर्मा ने कहा कि वर्ष 2007-08 से पदोन्नति और तबादले के काम ठप पड़े हुए थे। उन्होंने बताया, 'हम लंबित पड़े पदोन्नति के मामलों का जल्द से जल्द निपटारा करने में व्यस्त थे। इसी वजह से हो सकता है कि जाकिर का आदेश भी पारित हो गया हो। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जाएगी।

दिवंगत शिक्षक के भाई ने कहा
स्वर्गीय जाकिर के भाई मोहम्मद उमर ने जब अपने स्वर्गवासी भाई का नाम शुक्रवार शाम तबादले की सूची में देखा तो वह हैरान रह गए। उमर ने बताया, 'मेरे भाई की मृत्यु का प्रमाणपत्र सभी विभागों को दिया जा चुका है। मेरी भाभी को राज्य की ओर से पेंशन भी मिल रही है। इसका साफ मतलब है कि विभाग को जाकिर के निधन की सूचना है। जाकिर के तीन बेटे हैं और हमने राज्य सरकार से निवेदन किया है कि अनुकंपा योजना के तहत बड़े बेटे को नौकरी दी जाए।'

कार्यशैली पर सवाल
दिवंगत शिक्षक का ट्रांसफर किए जाने की खबर के बाद शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। राजस्थान उर्दू शिक्षक संघ के अध्यक्ष ने कहा कि सिर्फ तीन शिक्षकों के लिए जारी किए गए आदेशों में इतनी सारी गलतियां की गई हैं तो सोचिए सैकड़ों शिक्षकों के लिए आदेश जारी करने में किस तरह की गलतियां की जाती होंगी।












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