दिल्ली हिंसा में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर हुई 53, 1820 अरेस्ट
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के उत्तरपूर्वी इलाके में पिछले महीने हुई हिंसा में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। गुरुवार को प्रशासन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि, दिल्ली हिंसा में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 53 हो गई है। हिंसा में से 44 मौतें जीटीबी अस्पताल, 5 आरएमएल अस्पताल, 3 एलएनजेपी अस्पताल और एक मौत जग प्रवेश चंद्र अस्पताल में हुई है। राजधानी दिल्ली में चार दिनों तक जारी रही हिंसा में 200 से अधिक लोग घायल हो गए, इनमें 11 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।

वहीं उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा में अब तक 654 मामले दर्ज किए गए हैं। कुल 1,820 लोगों की गिरफ्तारी हुई है या हिरासत में लिया गया है। 47 आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज किए गए हैं। दिल्ली हिंसा की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की दो एसआईटी टीमें कर रही हैं। पुलिस ने कहा कि दंगा प्रभावित इलाकों में हालात नियंत्रण में हैं। दंगा प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती बनी हुई है। वे नियमित रूप से फ्लैग मार्च कर रहे हैं, ताकि शांति बनी रहे।
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इससे पहले बीते बुधवार 4 मार्च तक दिल्ली पुलिस ने सांप्रदायिक हिंसा के सिलसिले में बुधवार तक 531 प्राथमिकियां दर्ज की थीं और 647 लोगों को गिरफ्तार किया था या हिरासत में लिया था। उधर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान हत्या के एक मामले में फरार चल रहे आम आदमी पार्टी (आप) के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन पर हिंसा के समय हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस सूत्र ने बुधवार को बताया कि नया मामला खजूरी खास पुलिस थाने में दर्ज किया गया है।
दिल्ली हिंसा के दौरान गोली से घायल हुए शिकायतकर्ता ने अपनी प्राथमिकी में कहा है कि उस पर गोलियां चलाने वाले दंगाइयों में हुसैन भी शामिल था। वहीं गुरुवार को आप पार्षद ताहिर हुसैन ने कोर्ट के सामने सरेंडर किया। हुसैन ने अपने वकील मुकेश कालिया के जरिए अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (ACMM) विशाल पाहुजा के समक्ष सरेंडर याचिका दायर की थी।












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