यूपी के गांव में हुई एक गलती के बाद DCGA ने दो वैक्सीन के मिक्सिंग के शोध की दी इजाजत
नई दिल्ली, 11 अगस्त। ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने कोविशील्ड और कोवैक्सीन वैक्सीन की मिक्सिंग पर शोध की इजाजत दे दी है। हाल ही में आईसीएमआर की स्टडी में कोवैक्सिन और कोविशील्ड वैक्सीन की मिक्सिंग को सुरक्षित पाया गया था और इसके इस्तेमाल से इम्युनिटी भी बेहतर होती है। कोविशील्ड जहां एडेनोवायरस वेक्टर प्लेटफॉर्म पर आधारित है जबकि कोवैक्सिन निष्क्रिय वायरस वैक्सीन है। दनियाभर के शोध की बात करें तो विशेषज्ञों ने चेताया है कि मिक्सिंग को बिना किसी आधार के नहीं करना चाहिए बल्कि इसे अलग-अलग मसलों को समझते हुए मिक्स करना चाहिए।

बता दें कि आईसीएमआर की ओर से जो स्टडी की गई थी वह गलती का नतीजा थी। 18 मई को उत्तर प्रदेश के गांव में दूसरी डोज के तौर पर कोवैक्सीन दे दी गई थी। छह हफ्ते के बाद इन लोगों को कोविशील्ड दी गई। जिसके बाद जिन लोगों को वैक्सीन दी गई थी उनमे से 18 लोगों पर नजर रखी गई। शोध में यह बात सामने आई कि दोनों वैक्सीन को मिलाने से लोगों को किसी भी तरह का कोई खतरा नहीं हुआ, जबकि लोगों को इम्युनिटी भी बेहतर हुई।
इस शोध के बारे में डॉक्टर विनीता बालर का कहना है कि यह शोध सिर्फ 18 लोगों पर है और यह शुरुआती चरण का शोध है, लिहाजा इसमे कोई बड़ी खोज की उम्मीद नहीं की जा सकती है। वरिष्ठ वैक्सीन वैज्ञानिक डॉक्टर गगनदीप कैंग ने कहा कि कई शोध रमें यह बात सामने आई है कि एक ही दो अलग-अलग वैक्सीन की डोज एक ही डोज की दो डोज की तुलना में कम असरकारक नहीं है। थ्योरी के लिहाज से हम इसे समझा सकते हैं लेकिन इसके आंकड़े मौजूद नहीं हैं।












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