अपने वतन लौटने को तैयार हैं रोहिंग्या मुसलमान, लेकिन एक शर्त पर
हैदराबाद में रोहिंग्या कैंप में रह रहे 65 साल के सुल्तान मोहम्मद का कहना है 'हमारा आतंकियों से कोई रिश्ता नहीं है। हम किसी के लिए खतरा नहीं हैं
नई दिल्ली। रोहिंग्या मुसलमानों की मुश्किलें कम होती नजर ही नहीं आ रही हैं। एक उनका देश जो उन्हें अपना नहीं समझता, और अब उनपर आतंकी होने का भी इल्जाम है। इसी बीच हैदराबाद के रोहिंग्या कैंपों में रह रहे लोगों का कहना है कि वो सताए हुए लोग हैं उनका आतंक और आतंकवादियों से कोई नाता नहीं है। वो तो अपनी जान बचाने के लिए शरण लिए हुए हैं।

'हम आतंकी नहीं हैं'
हैदराबाद में रोहिंग्या कैंप में रह रहे 65 साल के सुल्तान मोहम्मद का कहना है 'हमारा आतंकियों से कोई रिश्ता नहीं है। हम किसी के लिए खतरा नहीं हैं। हम भारत में इसलिए शरण लिए हुए है क्योंकि हमारे देश में हमारी जान को खतरा है। यहां की सरकार काफी मदद कर रही है। हमें यहां जो भी काम मिल जाता है वो कर लेते हैं। पुलिस हमारे कैंपों को चेक करने के लिए आती रहती है। हमारे पास रिफ्यूजी कार्ड भी है। हम भारत सरकार से मदद की उम्मीद कर रहे हैं।'

रोहिंग्या मुसलमानों के चेहरे पर लौटा खौफ
हैदराबाद के अलग-अलग इलाकों में बने रोहिंग्या रिफ्यूजी कैंपों में 3500 से 4000 रोहिंग्या मुसलमान रह रहे हैं। इन सभी के चेहरे पर एक बार फिर से डर लौट आया है। उन्हें अपने देश म्यामांर लौटने से ही डर लग रहा है। शरणार्थी कैंप में रह रहे नूर का कहना है कि कोई भी शरणार्थी बनकर रहना नहीं चाहता है। हम किसी के लिए समस्या पैदा नहीं कर रहे हैं ना ही हम आंतकी हैं। वहीं अब्दुल करीम का कहना है कि हम भी अपने देश लौटना चाहते हैं बशर्ते दुनिया हमारी मदद करे। वहीं तूफैल म्यांमार में उनके साथ हुए हिंसा की कहानी सुनाते हैं उनकी पत्नी को उनके सामने मार दिया गया था।

14 हजार से ज्यादा रोहिंग्या शरणार्थी भारत में रह रहे हैं
गृह मंत्रालय के मुताबिक, वैध तौर पर 14 हजार से ज्यादा रोहिंग्या शरणार्थी भारत में रह रहे हैं। जबकि 40 हजार से ज्यादा ऐसे हैं, जो अवैध रूप से शरण लिए हुए हैं। ये भी बता दें कि भारत सरकार ने अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या मुसलमानों को म्यांमार वापस भेजने का फैसला किया है। जबकि वहां से समुदाय के लोगों पर अत्याचार की तस्वीरें सामने आ रही हैं।

भारत में 6 जगहों पर मौजूद हैं 40 हजार रोहिंग्या
रोहिंग्या का एक बड़ा वर्ग भारत में मौजूद हैृ। भारत सरकार की माने तो भारत में इनकी आबादी तकरीबन 40 हजार है. वहीं UNHCR की अनुसार तकरीबन 14 हजार रोहिंग्या भारत के 6 जगहों पर फैले हैं। इनमें जम्मू, हरियाणा का मेवात जिला, दिल्ली, हैदराबाद, जयपुर और चेन्नई शामिल हैं। जिनमें से 11 हजार रोहिंग्या को भारत में रिफ्यूजी का दर्जा मिला हुआ है। बाकि बचे 3,000 शरण चाहने वालों की श्रेणी में हैं। भारत सरकार करीब 500 रोहिंग्या को लॉन्ग टर्म विजा भी दे चुकी है। जिसके इस्तमाल से वे भारत में बैंक खाते खोल सकते हैं।
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