Biggest Data Theft: बेच डाला 70 करोड़ लोगों का डेटा, साइबर क्राइम ब्रांच ने शातिर गिरोह का किया पर्दाफाश
इस मामले में सरगना विनय भारद्वाज को गिरफ्तार किया गया है। उसके दो सहयोगी को भी गिरफ्तार करने के लिए टीम काम कर रही है।

Biggest Data Theft: तेलंगाना में साइबराबाद पुलिस ने देश का सबसे बड़ा डेटा चोरी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस बीच आठ दिन पहले नोएडा में भी 16 करोड़ डेटा चोरी का मामला सामने आया था। हैदराबाद पुलिस ने 24 राज्यों और 8 महानगरों के करीब 70 करोड़ व्यक्तियों और निजी संगठनों का गोपनीय डेटा चुराने और अपने पास रखने के लिए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
इस बार यह गिरोह फरीदाबाद से संचालित हो रहा था। साइबराबाद के पुलिस उपायुक्त कलमेश्वर शिंगेनावर ने कहा कि सरगना विनय भारद्वाज ने गुजरात के दो सहयोगियों आमेर सोहेल और मदन गोपाल से डेटा एकत्र किए थे। अधिकारी ने कहा कि विनय भारद्वाज ने 24 राज्यों और 8 महानगरों से करीब 66.9 करोड़ व्यक्तियों और संगठनों का गोपनीय डेटा चुराया है।
पुलिस ने विनय भारद्वाज के दोनों गुजराती सहयोगी को पता लगाने के लिए टीमों का गठन किया है। टीम यह पता लगा रही है कि उन्होंने संवेदनशील जानकारी कैसे प्राप्त की। भारद्वाज के विशाल डेटाबेस में टॉप ऑनलाइन ट्यूटरिंग प्लेटफॉर्म बायजूस और वेदांतु वाले छात्रों की जानकारी है। 8 मेट्रो शहरों के 1.84 लाख कैब यूजर्स, 6 शहरों के 4.5 लाख वेतनभोगी कर्मचारियों के डेटा के साथ-साथ जीएसटी और आरटीओ जैसे प्रमुख सरकारी संगठनों के ग्राहक डेटा शामिल हैं। इसके अलावा, उसने Amazon, Netflix, Youtube, Paytm, PhonePe, Big Basket, BookMyShow, Instagram, Zomato, Policybazaar और Upstox पर यूजर्स की जानकारी जुटाई है।
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साइबराबाद पुलिस ने इस डेटा चोरी की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी के पास 135 श्रेणियों में लोगों की संवेदनशील सरकारी, प्राइवेट, व्यक्तिगत जानकारी है। आरोपी के पास से पुलिस ने दो मोबाइल फोन, दो लैपटॉप बरामद किए हैं। शुक्रवार को पुलिस ने इस आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी 66.9 करोड़ लोगों के डेटा को बेच रहा था। आरोपी के पास डिफेंस से जुड़े लोगों की भी जानकारी थी। साथ ही उसके पास सरकारी कर्मचारियों, पैन कार्ड होल्डर्स, कक्षा 9,10,11, 12 और वरिष्ठ नागरिकों के भी डेटा था।
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