नोएडा में Dassault Aviation बनाएगा MRO हब, मिराज, राफेल जैसे विमानों की होगी मरम्मत
Dassault Aviation: डसॉल्ट एविएशन ने अपनी सैन्य एमआरओ गतिविधियों के लिए समर्पित एक कंपनी बनाने का निर्णय लिया है। कंपनी की ओर जारी एक बयान में कहा गया कि एविएशन कंपनी भारतीय वायु सेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। डसॉल्ट एविएशन एमआरओ इंडिया मिराज 2000 और इसके अलावा वायुसेना के बेड़े में शामिल लड़ाकू विमानों की मरम्मत का काम करेगी।
बता दें कि डसॉल्ट अपने राफेल मरीन जेट को बेचने के लिए भारतीय नौसेना के साथ एक सौदे पर बातचीत कर रहा है। भारतीय नौसेना के लिए इनमें से 26 विमानों को हासिल करने की योजना है जो उन्हें विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर तैनात करेगी। भारतीय वायु सेना ने अंबाला और हाशिमारा में राफेल लड़ाकू विमानों के लिए दो बेस भी तैयार किए हैं।

डसॉल्ट के बयान के मुताबिक, कंपनी भारतीय वैमानिकी औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के सहयोग से डीएएमआरओ में एमआरओ गतिविधियों को उत्तरोत्तर बढ़ाने की योजना बना रहा है, जिससे फ्रांसीसी मूल के लड़ाकू विमानों के लिए समर्थन का दायरा काफी बढ़ जाएगा। जगुआर डीप पेनेट्रेशन फाइटर जेट जो भारत में अपने परिचालन के अंतिम चरण में हैं, उन्हें भी एमआरओ की तरफ से समर्थन दिया जा सकता है क्योंकि उनका भी फ्रांसीसी कनेक्शन है।
रक्षा क्षेत्र में बढ़ेगी आत्मनिर्भरता
भारत के पास मौजूदा समय में 713 एयरक्राफ्ट हैं। केंद्र की रक्षा डील पूरी होते ही वर्ष 2031 ये संख्या 1522 हो जाएगी। बता दें कि एयरक्राफ्ट के मेंटेनेंस लागत कुल राजस्व की 12 से 15 प्रतिशत तक होती है। ऐसे में एविशन की कंपनी नोएडा यूनिट के जरिए भारत में एयरपोर्ट परिसर और आसपास एमआरओ हब बनने योजना से रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।












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