दारुल उलूम का फ़तवा, शेविंग करना और दाढ़ी कटवाना हुआ नाजायज़
नयी दिल्ली। मर्द स्मार्ट और आकर्षक दिखने के लिए शेविंग करते है। रोज दाढ़ी बनाना न केवल आपको स्मार्ट बनाता है बल्कि ये स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि अब एक खास धर्म के लोगों के लिए दाढ़ी बनाने या फिर शेविंग करने पर पाबंदी लगा दी गई है।

शेविंग कराना और दाढ़ी कटवाना नाजायज़ और गैर शरई बताया गया है। जी हां विश्व प्रसिद्ध इस्लामिक शिक्षण संस्था दारु उलूम ने मुसलमानों के शिवंग करने पर पाबंदी लगाते हुए इसे नाजायज करार दिया है।
ये फतवा सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक सैलून संचालक ने इस फतवे को फ्लैक्स बोर्ड का रूप देकर अपने सैलून के बाहर टांग दिया है। आपको बता दें कि मोहम्मद इरशाद और मोहम्मद फुरकान फ्रैंड्स हेयर सैलून चलाते हैं। उन्होंनें इस फतवे के खिलाफ मुफ्तियों से सवाल किया था।
जिसके जवाब में दारुल उलूम की ओर से मुफ्ती वकार अली, मुफ्ती जैनुल कासमी और मुफ्ती फखरुल इस्लाम ने जवाब देते हुए कहा है कि इस्लाम धर्म में दाढ़ी कटवाने को बड़ा गुनाह माना गया है। यही नहीं फतवे में दाढ़ी काटने वाले हज्जाम की कमाई को भी नाजायज बताया गया है। उलेमाओं ने हजामत का पेशा करने वालों को ये भी सलाह दी गई कि वे जायज़ तरीके से रोजी कमाने की कोशिश करें।












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