'दलितों ने वोट दिया है तो उनकी मांग भी जायज है...', जी परमेश्वर ने खेला दलित कार्ड, बढ़ी कांग्रेस की मुश्किल
कनार्टक में मुख्यमंत्री की रेस मेंं अब जी परमेश्वर भी शामिल हो चुके हैं। उन्होंने कहा दलितों ने कांग्रेस को वोट दिया है तो दलित नेता को सीएम बनाने की उनकी मांग जायज है।

कर्नाटक में बंपर जीत के तीन दिन बाद भी कांग्रेस मुख्यमंत्री के नाम पर निर्णय नहीं ले पाई है। कांग्रेस में कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद के लिए निवर्तमान नेता प्रतिपक्ष सिद्धारमैया और राज्य इकाई के अध्यक्ष डीके शिवकुमार के बीच रेस जारी थी।
वहीं अब कांग्रेस के दो प्रभावी नेताओं की रेस के बीच एक और दिग्गज नेता का नाम सीएम की रेस में शामिल हो चुका है। राज्य में पार्टी के सबसे प्रभावशाली वरिष्ठ नेता जी परमेश्वर ने बुधवार को जी परमेश्वर ने दलित कार्ड खेलकर मुश्किल बढ़ा दी है।
मंगलवार को पहले कहा कि अगर पार्टी उनसे सीएम बनने के लिए कहेगी तो वह 'जिम्मेदारी लेने' के लिए तैयार हैं। वहीं आज पूर्व उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद पर कहा दलितों ने कांग्रेस को वोट दिया और अब दलित प्रतिनिधित्व मांगना स्वाभाविक और जायज भी है।
उन्होंने कहा पार्टी आलाकमान में हर कोई मुझे जानता है, अगर ऐसी कोई स्थिति है जहां डॉ परमेश्वर को मुख्यमंत्री बनाना है, तो वे बनाएंगे। मैं लॉबिंग नहीं करूंगा।
इसके साथ ही जी परमेश्वर ने ये दावा किया कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री के चयन में कोई विवाद नहीं है। उन्होंने सीएम के चयन के लिए कांग्रेस में एक प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। पार्टी आलाकमान सीएम उम्मीदवारों से मिल रहे हैं और इसे आज या कल फाइनल कर दिया जाएगा।
कर्नाटक कांग्रेस के एक पूर्व अध्यक्ष जी परमेश्वर संभावित मुख्यमंत्रियों की बहुत छोटी सूची में शामिल नहीं थे। वहीं डीकेएस यानी डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया ही चुनाव से पहले और चुनाव जीतने के बाद से मुख्यमंत्री की रेस में शामिल थे।कर्नाटक के सीएम पद के लिए दो नेताओं- डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया ने मंगलवार को नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की और राज्य में सरकार का नेतृत्व किसे करना चाहिए, इस पर अपने विचार साझा किए।
सूत्रों के मुताबिक, शिवकुमार ने कहा कि अगर मल्लिकार्जुन खड़गे को मुख्यमंत्री बनया जाता है तो इस पर उन्हें कोई ऐतराज नहीं है लकिन अगर उनके बजाय सिद्धाारमैया को सीएम दिया गया तो वो विधानसभा में विधायक के रूप में बैठेंगे और वह किसी अन्य प्रस्ताव के लिए तैयार नहीं हैं।
शिवकुमार ने खड़गे को 2006 से सिद्धारमैया की गलतियों के बारे में भी बताया, जिस साल पूर्व मुख्यमंत्री कांग्रेस में शामिल हुए थे। शिवकुमार ने कहा कि सिद्धारमैया दो बार विपक्ष के नेता थे और उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा किया उन्होंने के केवल सत्ता का सुख लिया।
#WATCH | It's natural for dalits voting for Congress to ask for representation. Everyone in the party high command knows me. If there's a situation where Dr Parameshwara has to be made (CM), then they'll make it. I won't lobby: Dr. G Parameshwara, Cong leader on Karnataka CM post pic.twitter.com/GW1Xm6VqrJ
— ANI (@ANI) May 17, 2023












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